लीवर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो प्राकृतिक विषहरण, चयापचय और हमारे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक अनगिनत अन्य कार्यों के लिए जिम्मेदार है। लीवर (यकृत) शरीर का सबसे बड़ा आंतरिक अंग और ग्रंथि है, जो पेट के दाहिनी ओर पसलियों के नीचे स्थित होता है। यह चयापचय (metabolism), विषहरण (detoxification), पित्त उत्पादन, ऊर्जा भंडारण और रक्त शोधन जैसे 500 से अधिक महत्वपूर्ण कार्य करता है। स्वस्थ लीवर के लिए संतुलित आहार, व्यायाम और शराब से परहेज आवश्यक है, अन्यथा फैटी लीवर, सिरोसिस या लीवर फेलियर हो सकता है।
लीवर खराब होने के प्रमुख लक्षण
- स्वस्थ लीवर (Healthy Liver) : एक सामान्य, ठीक से काम करने वाला लीवर।
- फैटी लीवर (Fatty Liver) : लीवर में अतिरिक्त चर्बी का जमा होना।
- फाइब्रोसिस (Fibrosis) : लीवर में लगातार सूजन और क्षति के कारण घाव के निशान बनना।
- सिरोसिस (Cirrhosis) : लीवर का गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त और सख्त हो जाना।
- लीवर कैंसर (Liver Cancer) : लिवर की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि।
- पीलिया (Jaundice) : त्वचा और आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ जाना।
- थकान या कमजोरी (Fatigue or Weakness) : हर समय अत्यधिक थकान या ऊर्जा की कमी महसूस होना।
- पेट में दर्द या सूजन (Abdominal Pain or Swelling) : पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द या पेट फूलना।
- गहरा पेशाब (Dark Urine) : पेशाब का रंग सामान्य से गहरा होना।
- हल्का मल (Pale Stools) : मल का रंग सफेद या मिट्टी जैसा होना।
- भूख कम लगना या जी मिचलाना (Loss of Appetite or Nausea) : खाने की इच्छा कम होना और उल्टी जैसा महसूस होना।
- त्वचा में खुजली (Itchy Skin) : पूरे शरीर में लगातार खुजली होना।
- जल्दी खरोंच या नील पड़ना (Easy Bruising) : मामूली चोट लगने पर भी आसानी से त्वचा पर नील पड़ जाना या खरोंच आ जाना।
लीवर को स्वस्थ रखने के उपाय
- संतुलित आहार लें: फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और फाइबर से भरपूर आहार लें। प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों और अतिरिक्त चीनी से बचें।
- शराब का सेवन सीमित करें: अत्यधिक शराब का सेवन लीवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
- स्वस्थ वजन बनाए रखें: मोटापा फैटी लीवर रोग का एक प्रमुख कारण है।
- नियमित व्यायाम करें: शारीरिक गतिविधि लिवर की चर्बी को कम करने में मदद कर सकती है।
- विषाक्त पदार्थों से बचें: रसायनों, कीटनाशकों और अन्य विषाक्त पदार्थों के सीधे संपर्क में आने से बचें।
- सुरक्षित सुइयों का उपयोग करें: टैटू, पियर्सिंग या चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए हमेशा स्टरलाइज़्ड सुइयों का उपयोग करें।
- टीकाकरण: हेपेटाइटिस ए और बी के लिए टीका लगवाएं।
- दवाओं का सावधानी से उपयोग करें: केवल निर्धारित अनुसार ही दवाएं लें और शराब के साथ दवाओं के मिश्रण से बचें।
- नियमित चेकअप: अपने डॉक्टर से नियमित रूप से अपने लीवर के स्वास्थ्य की जांच करवाएं।
यदि आप ऊपर बताए गए किसी भी लक्षण का अनुभव करते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है। समय पर निदान और उचित उपचार लिवर की गंभीर समस्याओं को रोकने में मदद कर सकता है।

Related Posts
बालों को हफ्ते में कितनी बार धोएं? ऑयली, ड्राई और नॉर्मल बालों के लिए एक्सपर्ट गाइड
बिना फिल्टर के बड़ी और खूबसूरत दिखेंगी आंखें, बस अपनाएं ये 5 आसान मेकअप ट्रिक्स
सफेद चावल vs ब्राउन चावल : जानिए, कौन सा है आपके लिए सही?