Term Insurance vs Traditional Plan : अगर आप लाइफ कवर लेने की सोच रहे हैं, तो अपनी फैमिली की सुरक्षा और बजट को ध्यान में रखते हुए टर्म इंश्योरेंस और ट्रेडिशनल प्लान के बीच का अंतर समझना बेहद जरूरी है।
जब आप अपने परिवार की फाइनेंशियल सिक्योरिटी के लिए लाइफ कवर लेने जाते हैं, तो आमतौर पर दो बड़े ऑप्शन सामने आते हैं: टर्म इंश्योरेंस और ट्रेडिशनल प्लान। दोनों का मकसद आपको और आपके परिवार को सिक्योरिटी देना ही होता है, लेकिन यह काम अलग-अलग तरीके से करता है और इनसे मिलने वाले फायदे भी काफी अलग होते हैं। इसलिए ये समझना बहुत जरूरी है कि आपकी जरूरत और बजट के हिसाब से कौन सा प्लान आपके लिए ज्यादा सही रहेगा।
टर्म इंश्योरेंस : कम खर्च में बड़ी सुरक्षा
टर्म इंश्योरेंस को इंश्योरेंस का सबसे आसान और सीधा रूप माना जाता है। इसका मुख्य मकसद सिर्फ रिस्क कवर देना होता है। इसमें आप एक तय समय के लिए पॉलिसी लेते हैं, जैसे 20, 30 या 40 साल और इस दौरान अगर पॉलिसीहोल्डर के साथ कुछ अनहोनी हो जाती है तो परिवार को फाइनेंशियल सपोर्ट मिलता है।
सस्ता प्रीमियम : इसमें 1 करोड़ रुपये तक का कवर बहुत ही कम प्रीमियम पर मिल जाता है। उदाहरण के लिए, एक 30 साल का व्यक्ति सालाना 10 से 15 हजार रुपये में बड़ा कवर ले सकता है।
कोई रिटर्न नहीं : इसकी सबसे बड़ी खासियत या कमी यह है कि अगर पॉलिसी के पूरे समय में पॉलिसीधारक के साथ कुछ नहीं होता, तो आखिर में कोई पैसा वापस नहीं मिलता। हालांकि, अब बाजार में रिटर्न ऑफ प्रीमियम यानी ‘TROP’ वाले ऑप्शन भी आ गए हैं, जिनमें मैच्योरिटी पर आपका दिया हुआ प्रीमियम वापस मिल जाता है, लेकिन इनके लिए आपको थोड़ा ज्यादा प्रीमियम देना पड़ता है।
किसे लेना चाहिए : अगर आप अपने परिवार के लिए बड़ी फाइनेंशियल सिक्योरिटी चाहते हैं और आपका बजट ज्यादा नहीं है, तो टर्म प्लान आपके लिए सबसे सही ऑप्शन माना जाता है।
ट्रेडिशनल प्लान: सिक्योरिटी के साथ बचत का तड़का
ट्रेडिशनल प्लान में एंडोमेंट, मनी बैक और होल लाइफ जैसी पॉलिसियां शामिल होती हैं। भारत में आज काफी लोग इन प्लान्स को पसंद करते हैं, क्योंकि इसमें पैसा वापस मिलने की गारंटी होती है।
बचत और मैच्योरिटी : इसमें बीमा के साथ साथ सेविंग का हिस्सा भी जुड़ा होता है। अगर पॉलिसीधारक पूरे समय तक ठीक रहता है, तो पॉलिसी खत्म होने पर उसे एक तय रकम मिलती है, जिसमें बोनस भी शामिल होता है।
महंगा प्रीमियम : टर्म प्लान के मुकाबले इनका प्रीमियम काफी ज्यादा होता है। जहां टर्म प्लान में करीब 15,000 रुपये में 1 करोड़ रुपये तक का कवर मिल जाता है, वहीं ट्रेडिशनल प्लान में उतना ही कवर लेने के लिए आपको लाखों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।
रिटर्न की दर : ट्रेडिशनल प्लान में आमतौर पर 4% से 6% के बीच रिटर्न मिलता है, जो इस महंगाई और बाकी जगहों से मिलने वाले रिटर्न के मुकाबले काफी कम माना जाता है।
2026 के नए नियम और टैक्स का कैलकुलेशन
हाल ही में लागू हुए ‘सबका बीमा सबकी रक्षा एक्ट 2025’ और IRDAI के नए दिशा निर्देशों ने इंश्योरेंस मार्केट को काफी बदल दिया है। अगर आपकी उम्र कम है और परिवार की जिम्मेदारी ज्यादा है, जैसे बच्चों की पढ़ाई या होम लोन चुकाना, तो टर्म प्लान आपके लिए ज्यादा मुनासिब रहता है। ये कम खर्च में ज्यादा सुरक्षा देता है।
अगर आप सेविंग्स भी साथ-साथ करना चाहते हैं, गारंटीड रिटर्न्स पसंद करते हैं और लंबे समय का प्लान सोच रहे हैं, तो ट्रेडिशनल प्लान बेहतर हो सकता है।
दोनों प्लान्स में टैक्स बेनिफिट लगभग एक जैसे होते हैं, प्रीमियम पर 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है और डेथ या मैच्योरिटी बेनिफिट पर 10(10D) के तहत टैक्स फ्री मिलता है। लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह है कि ट्रेडिशनल प्लान में मिलने वाला रिटर्न बाजार से जुड़ा नहीं होता, बल्कि पूरी तरह इंश्योरेंस कंपनी के परफॉर्मेंस पर निर्भर करता है। ये दोनों प्लान्स अपनी अपनी जगह पर मजबूत हैं। टर्म प्लान सिर्फ सुरक्षा के लिए बना है, जबकि ट्रेडिशनल प्लान सुरक्षा के साथ साथ एक तरह से सेविंग करने का एक तरीका भी मुहैया कराता है।

Related Posts
सेंसेक्स 702 अंक गिरकर 76,847 पर बंद, निफ्टी 23,842 के स्तर पर
क्रिप्टो बाजार में सस्पेंस : अभी पैसा लगाएं या नहीं? क्रिप्टो में लगातार गिरावट
UPI पेमेंट में बड़ा बदलाव संभव, 10 हजार से ऊपर ट्रांजैक्शन में लग सकती है 1 घंटे की देरी