April 10, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

नीति आयोग की रिपोर्ट : भारत की क्रेडिट ग्रोथ की ताकत बन रहीं महिलाएं

भारत में महिलाएं अब केवल छोटे कर्ज लेने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे रिटेल और बिजनेस लेंडिंग में सक्रिय भागीदारी के जरिए देश के क्रेडिट मार्केट को आकार दे रही हैं। यह बात नीति आयोग की CEO निधि छिब्बर ने कही।

नीति आयोग द्वारा जारी नई रिपोर्ट “From Borrowers to Builders: Women and India’s Evolving Credit Market” में बताया गया है कि महिलाएं अब औपचारिक क्रेडिट सिस्टम में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और औपचारिक वित्तीय प्रणालियों के विस्तार से महिलाओं को बड़ा लाभ मिल रहा है। रिपोर्ट लॉन्च के दौरान निधि छिब्बर ने कहा, “आर्थिक विकास तब तेज होता है जब ज्यादा लोग बाजार में प्रभावी रूप से भाग लेते हैं।”

उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट दर्शाती है कि महिलाएं अब सिर्फ शुरुआती स्तर के कर्ज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रिटेल और बिजनेस उद्देश्यों के लिए लोन ले रही हैं, जो उनकी बढ़ती वित्तीय क्षमता और आर्थिक भागीदारी को दिखाता है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में महिला उधारकर्ताओं का कुल क्रेडिट पोर्टफोलियो 76 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो कुल सिस्टम क्रेडिट का 26 प्रतिशत है। यह 2017 के 16 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले बड़ी बढ़ोतरी है, यानी इस अवधि में कुल क्रेडिट एक्सपोजर 4.8 गुना बढ़ा है।

सक्रिय रूप से क्रेडिट का उपयोग करने वाली महिलाओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हुई है, जो 2017 से 2025 के बीच 9 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) रही। यह रिपोर्ट नीति आयोग के महिला उद्यमिता प्लेटफॉर्म के तहत TransUnion CIBIL और MicroSave Consulting के सहयोग से तैयार की गई है।

महिला उद्यमिता प्लेटफॉर्म की प्रमुख अन्ना रॉय ने कहा कि महिलाओं के क्रेडिट उपयोग का बढ़ता दायरा और विविधता भारत की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है।

स्रोत : डीडी न्यूज़

Spread the love