best places in Udaipur : ‘खूबसूरत झीलों का शहर’ यानी उदयपुर (Udaipur) दुनिया भर में अपने शानदार किलों, खूबसूरत झीलों, वन्यजीव अभयारण्यों, संग्रहालयों, राजस्थान की संस्कृति से रूबरू कराने तथा सुंदरता के परिचय के साथ ही साथ शांति के अनुभव कराने वाले मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। उदयपुर ऐसा शहर जो ख्यालों की दुनिया जैसा है। यहां हर तरफ सुंदरता ही सुंदरता बिखरी हुई है। यहां प्राय: देशी—विदेशी पर्यटक नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाने के लिए आते हैं। यदि आप भी इस बार उदयपुर घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। हम यहां उदयपुर में घूमने की 10 बेस्ट जगह के बारे में जानकारी दे रहे हैं जिससे आपके ट्रिप का मजा ही दोगुना हो जाएगा।
“वेनिस ऑफ द ईस्ट’ के नाम से मशहूर उदयपुर देश के कोने-कोने से आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है तो चलिए जानते हैं उदयपुर में घूमने की 10 बेस्ट जगह के बारे में विस्तार से
सिटी पैलेस

उदयपुर की शान में चार चांद लगाने वाला सिटी पैलेस हमेशा ही उदयपुर आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है। सिटी पैलेस का निर्माण महाराणा उदय सिंह द्वारा 1553 ई. में शुरू कराया गया था जिसके बाद मेवाड़ के कई शासकों ने इसके निर्माण में अपना योगदान दिया। अपनी खूबसूरती के बीच बने इस आकर्षण की एंट्री फीस थोड़ी ज्यादा है, लेकिन यहां पर स्टूडेंट, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, डिफेन्स तथा पुलिस फोर्स आदि के लिए कुछ डिस्काउंट भी है जिसके लिए आपको अपना पहचान-पत्र दिखाना जरूरी है।
पिछोला झील
1362 ई. में बनी पिछोला झील का निर्माण आस-पास के क्षेत्र के निवासियों की सिंचाई और खपत से जुड़ी हुई जरूरतों के उद्देश्य को पूरा करने के लिए किया गया था। यह एक कृत्रिम झील है जो धीरे-धीरे ढलती शाम के बीच पर्यटकों के लिए उदयपुर की खूबसूरती में चार चांद लगाती है। यहां जगनिवास तथा जगमंदिर भी हैं जहां आप नाव की सवारी के माध्यम से जा सकते हैं। पिछोला झील पर नाव की सवारी का आनंद अवश्य लें।
सहेलियों की बाड़ी
प्रकृति प्रेमियों तथा फोटोग्राफी के शौकीन लोगों के लिए वरदान बना यह स्थान उदयपुर आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है। सहेलियों की बाड़ी का निर्माण सन् 1710-1734 के बीच महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय ने राजपरिवार की महिलाओं के लिए खूबसूरती की मिशाल बने हुए बगीचे के रूप में कराया था। उदयपुर की सुंदरता को निहारना हो यहां जरुर जाएं।
लेक पैलेस
उदयपुर घूमने आए हों और लेक पैलेस का दीदार न किया जाए, यह कैसे हो सकता है? लेक पैलेस, पिछोला झील के मध्य में स्थित है, जो जग निवास के नाम से भी मशहूर है। लेक पैलेस एक द्वीप पर बना है जहां तक आप पिछोला झील में नाव की सवारी करके आ सकते हैं। लग्जरी लाइफ जीने के हैं शौकीन तो लेक पैलेस की शान का आनंद लेना हरगिज न भूलें।
फतेह सागर झील
‘झीलों के शहर’ आएं और सुंदरता का प्रतिबिंब बनी इन झीलों को नहीं निहारा तो क्या किया? फतेह सागर झील की अद्भुत सुंदरता जहां सूर्यास्त का नजारा देखते ही बनता है। यहां से दिखने वाला अरावली पर्वतमाला का नजारा आपको इसकी खूबसूरती बयां करेगा। सुकून और सुंदरता के इस मिश्रण को देखना ना भूलें।
शिल्पग्राम
कभी-कभी मन करता है कि शहर की भीड़-भाड़ से दूर किसी गांव की ओर रुख मोड़ें जहां आज भी इसकी मिट्टी की खुशबू समाई हुई है और अपनी संस्कृति को वहां की जीवंत परम्पराओं से सजाए हुए है तो जरुर पहुंचिए उदयपुर के शिल्पग्राम में जहां आज भी राजस्थान की संस्कृति और परंपराओं का मिश्रण एक ही स्थान पर देखने को मिलता है।
करणी माता मंदिर
झीलों और महलों में तो बहुत खूबसूरती देखते हैं लेकिन तब क्या हो? जब भगवान के मंदिर में दर्शन के साथ ही साथ खूबसूरती का भी समागम हो। ऐसे में शांति और सुकून के साथ ही इस मंदिर की ऊंचाई तक पहुंचने से आपको यहां के खूबसूरत नजारों से भरे दृश्य देखने को मिलेंगे। अपनी उदयपुर यात्रा में माँ दुर्गा का अवतार मानी जाने वाली करणी माता मंदिर को भी शामिल करें और अपनी यात्रा को सुखद और आध्यात्मिक बनाएं।
सज्जनगढ़ पैलेस
सज्जनगढ़ पैलेस का निर्माण मेवाड़ के महाराणा सज्जन सिंह ने सन् 1884 में कराया था और इसे ‘मानसून पैलेस’ के नाम से भी जाना जाता है। इसको बनाने का उद्देश्य इसे एक खगोलीय केंद्र बनाना था जिसके माध्यम से मौसम की जानकारी ली जा सके, लेकिन महाराणा सज्जन सिंह की मृत्यु के कारण इस योजना को रद्द कर दिया गया। अपने अद्भुत सूर्यास्त के नजारों के बीच यह स्थान पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है जिसे उदयपुर यात्रा में शामिल करना सही निर्णय साबित हो सकता है।
बड़ी झील
जियान सागर के नाम से जानी जाने वाली बड़ी झील जिसका निर्माण महाराणा राज सिंह ने 1652-1680 के बीच करवाया था। अपने अंदर समेटे हुए शांत जल और चारों ओर फैले हुए हरे-भरे परिदृश्यों के रूप में प्रसिद्ध यह झील भाग-दौड़ भरी जिंदगी से दूर एक सुकून भरा स्थान है। पिकनिक के लिए आदर्श बना यह स्थान अपने प्राकृतिक वातावरण से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है। यदि आप एक शांत विश्राम स्थल की तलाश में हैं तो बड़ी झील को अपनी उदयपुर यात्रा में शामिल करना हरगिज न भूलें।
जगदीश मंदिर
जगदीश मंदिर का निर्माण इंडो-आर्यन शैली में 1651 में महाराणा जगत सिंह ने करवाया था। भगवान विष्णु को समर्पित यह मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र होने के साथ ही साथ उदयपुर आने वाले सभी पर्यटकों के आकर्षण का भी केंद्र बना रहता है। मंदिर की नक्काशी आपको इसे लगातार निहारने के मौके देती रहेगी। आस्था और सुंदरता का संगम देखना हो तो जगदीश मंदिर को अपनी उदयपुर यात्रा के बेस्ट टूरिस्ट प्लेस में जरूर शामिल करें।

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