March 29, 2026

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पंजाब में पहली बार होगा पुरुष एशियाई चैंपियनशिप हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन

चंडीगढ़ 

पंजाब के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि पंजाब पहली बार अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्पर्धा की मेजबानी करेगा। राज्य में पुरुष एशियाई चैंपियनशिप हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें एशिया की शीर्ष छह टीमें हिस्सा लेंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच रोमांचक मुकाबला भी देखने को मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस टूर्नामेंट का पहला मैच 26-27 अक्टूबर को खेला जाएगा। सभी मैचों का आयोजन मोहाली और जालंधर में किया जाएगा। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसमें जालंधर और चंडीगढ़ के बीच आवागमन के लिए विशेष बसें, उच्च स्तरीय सुरक्षा और बेहतरीन होटलों में ठहरने की व्यवस्था शामिल है।

खिलाड़ियों के लिए सौगातों की बौछार
खेलों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। महिला विश्व कप टीम का हिस्सा रहीं पंजाब की तीन महिला खिलाड़ियों को 1.5 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यह राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जाएगी। खिलाड़ियों का दैनिक डाइट भत्ता बढ़ाकर 480 रुपये कर दिया गया है। साथ ही खिलाड़ियों के लिए विशेष शेफ नियुक्त किए जाएंगे।

खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरियों में 3 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। ओलंपिक की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये और एशियाई खेलों के लिए 8 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। पिछले चार वर्षों में लगभग 100 करोड़ रुपये के नकद इनाम बांटे गए हैं।

खेल बजट में भारी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि राज्य का खेल बजट 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,791 करोड़ रुपये कर दिया गया है। कोचों की संख्या भी 500 से बढ़ाकर 2,458 कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब अब अपनी क्रिकेट लीग का आयोजन BCCI के सहयोग से करने जा रहा है। इसके अलावा, 44 साल बाद पंजाब को अंडर-13 बैडमिंटन नेशनल की मेजबानी भी मिली है, जो जालंधर में आयोजित होगी।

केंद्र पर साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम मान ने केंद्र सरकार पर फंड रोकने का आरोप लगाते हुए तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि अगर पदकों के लिए भी वोट पड़ते, तो केंद्र सरकार खिलाड़ियों को भी सारी सुविधाएं देना शुरू कर देती। यदि स्वर्ण पदक के लिए 20,000 और रजत के लिए 10,000 वोट तय होते, तो उनका खिलाड़ियों के प्रति प्रेम अलग होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब केवल अपना हक मांग रहा है।

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