नई दिल्ली
विपक्षी दल ने पुराने महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखने की तैयारी में हैं। हाल ही में लोकसभा में सरकार का नया बिल दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण गिर गया। विपक्ष का कहना है कि वे आरक्षण के साथ हैं, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ना गलत है।
विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखने की तैयारी में हैं। इस पत्र में पुराने महिला आरक्षण बिल को लागू करने की मांग की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इसको लेकर इंडिया गठबंधन के दल देशभर में मीडिया वार्ता भी करेंगे। इन सभाओं में वे यह स्पष्ट करेंगे कि वे महिला आरक्षण का पूरा समर्थन करते हैं, लेकिन सरकार इसकी आड़ में देश का राजनीतिक नक्शा बदलने की कोशिश कर रही है।
हाल ही में हुई एक बैठक में सोनिया गांधी ने अपने सभी सहयोगी दलों का आभार जताया। विशेष सत्र के आखिरी दिन से पहले ANI से बात करते हुए, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार से कहा की, वे सोमवार को ही पुराना महिला आरक्षण बिल संसद में पेश करें। उन्होंने कहा कि जिस बिल पर पहले से सभी दलों की सहमति थी, उसे तुरंत लाना चाहिए। प्रियंका गांधी के अनुसार, अगर सरकार ऐसा करती है तो विपक्ष इसका पूरा साथ देगा।
यह विवाद तब बढ़ा जब शुक्रवार को लोकसभा में 'संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026' नही पास हो पाया। इस बिल को पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी। वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जिससे यह जरूरी आंकड़ा नहीं छू सका। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बिल के गिरने की पुष्टि की। सरकार ने इस बिल को परिसीमन से जोड़ा था।
गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले सुधार को रोक रहे हैं। दूसरी ओर, राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ना चुनावी ढांचे को बदलने की एक साजिश है। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ किया है कि सरकार अब इससे जुड़े अन्य बिलों पर आगे नहीं बढ़ेगी। संसद का यह विशेष सत्र तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनावी हलचल के बीच आयोजित किया गया था।

Related Posts
दिल्ली की एक मुलाकात से विधानसभा तक मचा सियासी भूचाल, 13 दिन में ऐसे बिखरी TMC
BJP नेता सतर्क रहें, मंत्री स्वपन दासगुप्ता का TMC पर बड़ा हमला; बोले- पुराने पाप धोने की कोशिश
कांग्रेस के लिए 2028 बना ‘करो या मरो’ का साल, दिग्गज नेता बोले- BJP नहीं, अपने ही कमजोर करते हैं पार्टी