भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का एक वार्तालाप शनिवार को सोशल मीडिया पर जमकर वायरल रहा। भाजपा नेत्री ऊषा ठाकुर के साथ बातचीत के इस वीडियो में वे सनातन पर जमकर ज्ञान दे रहे हैं और खुद को पक्का सनातनी भी करार दे रहे हैं। इस बातचीत में उन्होंने धार स्थित कमाल मौला मस्जिद को लेकर दिए गए अदालत के फैसले से भी सहमति जताई।
वीडियो किसी कार्यक्रम का बताया जा रहा है। जिसमें दिग्विजय सिंह शामिल थे। यहां भाजपा नेत्री ऊषा ठाकुर भी दिखाई दे रही हैं। ऊषा ने दिग्विजय सिंह को अपना भाई करार दिया। इस पर दिग्विजय ने खुलकर कहा कि वे घोर सनातनी हैं और उनके बाद ही भाजपा ने इसको अपना मुद्दा बनाया। उन्होंने ठाकुर से सवाल भी किया कि क्या उन्होंने नर्मदा परिक्रमा की है या उपवास व्रत का पालन करती हैं। इस बीच जब ऊषा ठाकुर ने दिग्विजय से कहा कि आपको हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए तो दिग्विजय ने जवाब दिया कि ऐसा किसने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ हैं?
चल पड़ी सियासत
दिग्विजय और ऊषा की इस वार्तालाप से उस बात को बल मिल गया है, जिसमें कहा जाता है सभी राजनीतिक जन आपस में बेहतर रिश्ते रखते हैं। उनकी लड़ाई मंच और पोस्टरों पर ही दिखाई देती है।
एक पक्ष में खुशी, दूसरा मायूस
कांग्रेस के दिग्गज और वरिष्ठ नेता का इस तरह खुलेआम चर्चा करना कुछ लोगों के लिए पीड़ा का कारण बन गया है। खासकर उनके लिए जिनसे 80 प्रतिशत वोटों की अपेक्षा की जाती है। इसी बात पर सामने वाली पार्टी उन्हें खुलकर गाली बक रही है। इसके विपरीत वे लोग इस मुलाकात और बातचीत के बिंदुओं से खुश भी हैं, जिनके लिए हमेशा यह चर्चा रही है कि दिग्विजय जब भी कुछ करते हैं, उससे कांग्रेस का नुकसान और भाजपा का फायदा हुआ है।

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