May 25, 2026

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भारतीय डॉक्टर ने रचा इतिहास! चीन से बैठकर 3000 किमी दूर हैदराबाद में की सफल सर्जरी

हैदराबाद

तकनीक और मेडिकल साइंस ने एक बार फिर ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने दुनियाभर का ध्यान खींच लिया है. चीन के वुहान में मौजूद भारतीय यूरोलॉजिस्ट डॉ. सैयद मोहम्मद गौस ने हैदराबाद में मौजूद एक मरीज की रोबोट की मदद से सफल सर्जरी की. खास बात यह रही कि डॉक्टर और मरीज के बीच करीब 3000 किलोमीटर की दूरी थी। 

रिपोर्ट के मुताबिक, यह यूरेट्रल रीइम्प्लांटेशन सर्जरी थी, जिसमें यूरेटर (किडनी से यूरिन ब्लैडर तक ले जाने वाली नली) को दोबारा ब्लैडर से जोड़ा गया. यह ऑपरेशन चीन में विकसित रोबोटिक तकनीक और हाई-स्पीड 5G इंटरनेट की मदद से किया गया. पूरा ऑपरेशन करीब 90 मिनट तक चला. इस दौरान वुहान के टोंगजी हॉस्पिटल और हैदराबाद की मेडिकल टीम के बीच लगातार समन्वय बना रहा। 

इस उपलब्धि को भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया. उन्होंने लिखा कि भारतीय यूरोलॉजिस्ट डॉ. सैयद मोहम्मद गौस ने वुहान में बैठकर हैदराबाद के मरीज की सिर्फ 90 मिनट में रोबोट-असिस्टेड सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की। 

ऑपरेशन शुरू होने से पहले वुहान और हैदराबाद के डॉक्टरों ने ऑनलाइन मरीज की मेडिकल रिपोर्ट्स की संयुक्त समीक्षा की. इसके बाद रोबोटिक आर्म्स की मूवमेंट को लेकर पूरी योजना तैयार की गई. हैदराबाद में मौजूद मेडिकल स्टाफ ने मरीज को एनेस्थीसिया दिया और ऑपरेशन थिएटर में रोबोटिक सिस्टम को तैयार किया। 

इस रोबोटिक सिस्टम में बेहद बारीक सर्जिकल उपकरण और हाई-डेफिनिशन 3D कैमरे लगे थे, जो हैदराबाद से लाइव तस्वीरें वुहान भेज रहे थे. डॉ. गौस वुहान के टोंगजी हॉस्पिटल में एक कंट्रोल कंसोल पर बैठे थे, जहां से उन्होंने पूरे ऑपरेशन के दौरान रोबोटिक आर्म्स को नियंत्रित किया। 

 200 मिलीसेकंड यानी 0.2 सेकंड रोबोट ले रहे थे निर्देश
रिपोर्ट के अनुसार, 5G नेटवर्क की मदद से डॉक्टर के निर्देश सिर्फ 200 मिलीसेकंड यानी 0.2 सेकंड के भीतर हैदराबाद पहुंच रहे थे. इतनी कम देरी की वजह से रोबोटिक आर्म्स लगभग उसी समय डॉक्टर के हाथों की हरकतों को दोहरा पा रहे थे. यही वजह रही कि हजारों किलोमीटर दूर बैठने के बावजूद सर्जरी के दौरान सटीकता और नियंत्रण बनाए रखा जा सका। 

हैदराबाद में मौजूद डॉक्टरों की टीम भी पूरे समय ऑपरेशन थिएटर में मौजूद रही और किसी भी इमरजेंसी स्थिति में तुरंत मदद के लिए तैयार थी.यह सर्जरी International Hepato-Pancreato-Biliary Association के चीनी चैप्टर की 10वीं कांग्रेस के दौरान दिखाई गई 26 सर्जरी में से एक थी. इनमें भारत, ब्राजील, जॉर्जिया, ग्रीस और उज्बेकिस्तान के विशेषज्ञों के साथ लाइव अंतरराष्ट्रीय रिमोट सर्जरी भी शामिल थीं। 

टोंगजी हॉस्पिटल में सर्जरी विभाग के निदेशक चेन शियाओपिंग ने कहा कि AI, रोबोटिक्स और अगली पीढ़ी की कम्युनिकेशन तकनीकें दुनिया भर के हेल्थकेयर सिस्टम को तेजी से बदल रही हैं। 

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