भारत के असंगठित कामगारों में महिलाओं की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। पिछले 3 वर्षों में केंद्र के ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत कामगारों में उनकी उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के आंकड़ों का साल-दर-साल विश्लेषण बताता है कि वित्त वर्ष 2026 में ई-श्रम पोर्टल पर हुए पंजीकरणों में 68.78 महिलाओं ने कराए, जो वित्त वर्ष 2023 के 52.38 प्रतिशत से काफी अधिक है। 2024-25 में पंजीकरण में महिलाओं की भागीदारी 68.05 प्रतिशत थी।
अगस्त 2021 में शुरू किए गए ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित कामगारों जैसे घरेलू कामगारों, कृषि मजदूरों, स्ट्रीट वेंडरों, निर्माण श्रमिकों, गिग कामगारों और स्वरोजगार वाले व्यक्तियों के आंकड़े रहते हैं। यह केंद्र के लिए असंगठित कामगारों के राष्ट्रीय डेटाबेस का काम करता है।
आंकड़ों से संकेत मिलता है कि पंजीकरण में महिलाओं की हिस्सेदारी में लगातार वृद्धि हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में महिलाओं का पंजीकरण कुल पंजीकरणों के आधे से कुछ अधिक था, वहीं वित्त वर्ष 2026 तक उनकी हिस्सेदारी दो-तिहाई से अधिक हो गई।
आधिकारिक श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार हाल के वर्षों में महिला श्रम बल की भागीदारी बढ़ी है। इसमें प्रमुख रूप से खुद का रोजगार चलाने वाली वाली और घर का काम अवैतनिक करने वाली महिलाओं की संख्या की वजह वृद्धि हुई है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक है।
यह स्थिति मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र के कारण बनी हुई है, जो पोर्टल पर सबसे बड़ा वर्ग बना हुआ है। ई-श्रम पर कृषि श्रमिकों के पंजीकरण में महिलाओं की हिस्सेदारी 65.54 प्रतिशत है, जो ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और स्वरोजगार तथा परिवार संबंधी कार्य की व्यापकता को दर्शाता है। कुछ अन्य क्षेत्रों में भी महिलाओं का पंजीकरण अधिक है। इसमें घरेलू कार्यों में 93.66 प्रतिशत और परिधान क्षेत्र में 95.86 प्रतिशत महिलाएं पंजीकृत हैं।
शिक्षा, ब्यूटी और वेलनेस, रत्नाभूषण, कार्यालय प्रशासन और सुविधा प्रबंधन व स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में भी उनकी हिस्सेदारी अधिक बनी हुई है। कांच और सिरेमिक, चमड़ा एवं पर्यटन और आतिथ्य जैसे क्षेत्रों में भी पुरुषों की तुलना में महिलाओं का पंजीकरण अधिक रहा।
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने कई बार पाया है कि महिलाएं अनौपचारिक और अस्थायी रोजगार में, विशेष रूप से कृषि, अपने और दूसरे के घर का काम करने में अधिक संख्या में हैं।
आईएलओ की रिपोर्ट
‘अर्थव्यवस्था में महिलाएं और पुरुष: सांख्यिकीय अपडेट’ में कहा गया है कि सार्वजनिक प्रशासन, शिक्षा और स्वास्थ्य, आवास और खाद्य सेवा, थोक और खुदरा व्यापार, घरेलू काम, विनिर्माण और कृषि जैसे सभी क्षेत्रों में अनौपचारिक रोजगार में महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक संख्या में हैं।

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