June 23, 2026

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राहत की उम्मीद : 5 फीसदी तक गिरे कच्चे तेल के दाम, क्या भारत में सस्ता होगा ईंधन?

Crude oil prices : वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है क्योंकि पिछले 24 घंटों के भीतर कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 5 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। इस गिरावट का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईरानी तेल की फिर से वापसी होना है। एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम उठाते हुए अमेरिका ने दो महीने की अवधि के लिए ईरानी तेल की बिक्री को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही अन्य खाड़ी देशों ने भी अपने उत्पादन स्तर को बढ़ाने के संकेत दिए हैं और इन घटनाक्रमों ने सामूहिक रूप से भारत में उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संभावित कमी की उम्मीद जगा दी है जो लंबे समय से ईंधन की उच्च लागत का सामना कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव

सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी अस्थिरता देखी गई। जहां सोमवार की सुबह कच्चे तेल के दाम 82 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गए थे वहीं बाजार बंद होते-होते कीमतें अचानक गिर गईं और आंकड़ा 77 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वास्तव में अंतरराष्ट्रीय बाजार के बंद होने से पहले खाड़ी देशों का कच्चा तेल 76 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक भी पहुंच गया था। कच्चे तेल की कीमतों में इस अचानक गिरावट की सबसे बड़ी वजह सोमवार को अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच हुई एक उच्च स्तरीय बैठक रही। इस बैठक को बाजार विश्लेषकों द्वारा काफी सकारात्मक माना जा रहा है और इसने पिछले 24 घंटों में देखी गई 5 प्रतिशत की गिरावट को सीधे प्रभावित किया है।

अमेरिकी मंजूरी और आपूर्ति की चिंताओं में कमी

भले ही ईरान ने अभी तक अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद करने पर कोई आधिकारिक सहमति नहीं जताई है लेकिन अमेरिकी उप राष्ट्रपति ने ईरानी तेल की बिक्री के लिए दो महीने की राहत प्रदान कर दी है और इस फैसले ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं को काफी हद तक दूर कर दिया है। यह दोनों देशों के बीच तनाव कम होने का भी एक संकेत है। इससे पहले स्थिति काफी तनावपूर्ण थी जहां ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी दी थी और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमले की चेतावनी दी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत से और भी सकारात्मक परिणाम निकल सकते हैं। इसके बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है लेकिन कुल मिलाकर संकेत यही हैं कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर अच्छी खबरें मिल सकती हैं।

कच्चे तेल की कीमतों का विस्तृत विवरण

सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट के साथ बंद हुए। मंगलवार को खाड़ी और अमेरिकी क्रूड के दाम स्थिर कारोबार कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार खाड़ी देशों का कच्चा तेल सोमवार को 77 डॉलर 52 सेंट प्रति बैरल पर बंद हुआ था जबकि कारोबारी सत्र के दौरान यह 76 डॉलर प्रति बैरल तक भी गया था। मंगलवार की सुबह से खाड़ी देशों का कच्चा तेल 77 डॉलर 72 सेंट प्रति बैरल पर स्थिर कारोबार करता हुआ दिखाई दे रहा है। पिछले 24 घंटों में खाड़ी देशों के कच्चे तेल के दाम में करीब 5 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसी तरह अमेरिकी क्रूड डब्ल्यूटीआई के दाम में भी गिरावट देखी गई और सोमवार को दाम 73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए। सोमवार को अमेरिकी क्रूड के दाम 4 प्रतिशत 53 पैसे (प्रतिशत) की गिरावट के साथ बंद हुए थे। मंगलवार को वायदा बाजार में अमेरिकी क्रूड लगभग 74 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। पिछले 24 घंटों में अमेरिकी क्रूड के दाम में कुल 5 प्रतिशत 50 पैसे (प्रतिशत) की गिरावट देखी गई है।

कच्चे तेल में गिरावट के पीछे के कारण

कीमतों में इस गिरावट का प्राथमिक कारण अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा ईरानी तेल की बिक्री को दी गई मंजूरी है। ट्रेजरी विभाग द्वारा जारी जनरल लाइसेंस के तहत 21 अगस्त तक ईरान में बने कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल और पेट्रोलियम उत्पादों को बेचने की अनुमति दी गई है। इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए को बताया कि स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ रविवार को हुई बातचीत में ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर कोई चर्चा नहीं की और न ही कोई नई प्रतिबद्धता स्वीकार की। इसके अतिरिक्त पिछले हफ्ते अमेरिकी सरकार के आपातकालीन स्टॉक से कच्चे तेल के भंडार में 90 लाख 50 हजार बैरल की कमी आई जो अब तक की तीसरी सबसे बड़ी गिरावट है। यह कमी उस अमेरिकी समझौते का हिस्सा है जिसके तहत ईंधन की कीमतों को कम करने के लिए 17 करोड़ 20 लाख बैरल तेल जारी किया जाना है।

क्या भारत में पेट्रोल और डीजल पर आएंगे अच्छे दिन?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आएगी। जानकारों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में जिस तरह की गिरावट बनी हुई है उससे पेट्रोल और डीजल के दाम कम होने की पूरी संभावना है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी हाल ही में संकेत दिया था कि जैसे ही भारतीय रिफाइनरियों में सस्ता कच्चा तेल पहुंचेगा उसका लाभ आम जनता को दिया जाएगा। भारत के कई तेल टैंकर होर्मुज से रवाना हो चुके हैं जो जल्द ही भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचेंगे। जेपी मोर्गन की रिपोर्ट के अनुसार तेल कंपनियों के मार्जिन में सुधार हुआ है और वे युद्ध-पूर्व के स्तर से भी बेहतर स्थिति में पहुंच गई हैं और इससे कंपनियों के पिछले नुकसान की भरपाई जल्द हो जाएगी। हालांकि एलपीजी के मोर्चे पर कंपनियों को अभी भी रोजाना 600 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो रहा है। भारत में पिछले 29 दिनों से ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल 102 रुपये 12 पैसे और डीजल 95 रुपये 20 पैसे प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113 रुपये 51 पैसे और डीजल 99 रुपये 82 पैसे है। मुंबई में पेट्रोल 111 रुपये 21 पैसे और डीजल 97 रुपये 83 पैसे है जबकि चेन्नई में पेट्रोल 107 रुपये 77 पैसे और डीजल 99 रुपये 55 पैसे प्रति लीटर पर बना हुआ है। मई के महीने में ईंधन की कीमतों में 7 से 8 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई थी।

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