अरुणाचल प्रदेश के केई पन्योर जिले में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। तेज़ बहाव के चलते केमी और ओयान को जोड़ने वाला करीब 300 मीटर लंबा लोहे का पुल केमी नदी में बह गया, जिससे इलाके का संपर्क प्रभावित हो गया। लगातार बारिश और उफनती नदियों ने कई गांवों में हालात गंभीर बना दिए हैं।
बाढ़ से प्रभावित परिवारों ने उन खौफनाक पलों को याद किया जब तेज़ पानी ने देखते ही देखते उनके घर, सामान और रोज़गार को अपनी चपेट में ले लिया। जान बचाने के लिए लोगों को घर छोड़कर अस्थायी राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी। NEEPCO में कार्यरत 46 वर्षीय रूमी राभा ने बताया कि पोस्सा गांव के पास स्थित NEEPCO कॉलोनी में उनका सरकारी क्वार्टर अचानक आई बाढ़ में बह गया। फिलहाल वह अपने पति के साथ एक टेम्पररी रिलीफ कैंप में रह रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ही मिनटों में सब कुछ तबाह हो गया और परिवार के पास बचाने के लिए कुछ नहीं बचा।
प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में बचाव एवं राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और नदी किनारे के क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। लगातार बारिश के चलते इलाके में और बाढ़ व भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। हालांकि, NEEPCO की सेंट्रल टीम ने, लोकल सरकार और अधिकारियों के साथ मिलकर, बहुत मदद की।” ऋतुपर्णा आचार्य, जो एक टेम्पररी रिलीफ कैंप में पनाह ले रही हैं, ने कहा, “हम सो रहे थे, और सुबह करीब 7:00 बजे, एक पड़ोसी, एक आंटी ने हमें आवाज़ दी। जैसे ही उन्होंने आवाज़ दी, पानी अंदर आ गया। हम शुरू में अपने डॉक्यूमेंट्स भी नहीं निकाल पाए; हम बहुत बड़ी मुश्किल का सामना कर रहे थे। आखिरकार, पानी का लेवल थोड़ा कम हुआ, और हम उसी समय अपने डॉक्यूमेंट्स निकालने में कामयाब रहे।

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