भारत में डिजिटल पेमेंट का तरीका अब और भी आसान होने जा रहा है। अभी तक हम दुकान पर जाकर QR कोड स्कैन करते हैं या मोबाइल नंबर डालकर पैसे भेजते हैं। लेकिन अब हमारा पसंदीदा UPI पहले से ज्यादा स्मार्ट होने वाला है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के एमडी और सीईओ दिलीप अस्बे ने बताया है कि UPI के अगले दौर में AI का सबसे बड़ा रोल होगा। आपको बता दें कि सरकार का लक्ष्य है कि देश में हर दिन 100 करोड़ ट्रांजैक्शन हों और 50 करोड़ नए लोग UPI से जुड़ें। इस काम को पूरा करने के लिए AI की मदद ली जाएगी।
बोलकर और अपनी भाषा में पैसे भेज सकेंगे लोग
बहुत से लोग ऐसे हैं जो पढ़े-लिखे ना होने की वजह से या अंग्रेजी ना जानने के वजह से UPI का इस्तेमाल नहीं कर पाते। अब AI की मदद से ऐसा सिस्टम बनाया जा रहा है, जिससे लोग अपनी भाषा में सिर्फ बोलकर पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे। इससे गांव-देहात के आम लोगों के लिए भी फोन से पैसे भेजना बेहद आसान हो जाएगा।
ऑनलाइन धोखाधड़ी और फ्रॉड पर लगेगी लगाम
जैसे-जैसे फोन से पैसे भेजने का चलन बढ़ा है, वैसे-वैसे साइबर फ्रॉड भी बढ़ी है। बता दें कि अब AI तकनीक तुरंत पहचान लेगी कि कौन सा ट्रांजैक्शन धोखाधड़ी वाला है। अगर कोई गलत तरीके से किसी के खाते से पैसे निकालने की कोशिश करेगा, तो AI उसे तुरंत पकड़ लेगा। इससे लोगों के पैसे सुरक्षित रहेंगे और उनका भरोसा बढ़ेगा।
छोटे दुकानदारों को मिलेगा लोन
अक्सर छोटे दुकानदारों को बैंक से लोन मिलने में दिक्कत होती है क्योंकि उनके पास कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं होता। अब AI उनके रोज के UPI लेन-देन को देखकर तय करेगा कि उन्हें आसानी से लोन कैसे मिल सकता है। इसके साथ ही, बाजार में गूगल पे और फोनपे जैसी कंपनियों के भारी दबदबे को कम करने के लिए सरकारी भीम ऐप को भी नया और मजबूत बनाया जा रहा है, जिससे कि लोगों के पास ज्यादा ऑप्शन हों।

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