क्रूड ऑयल के दाम नीचे आने के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर फिर चर्चा तेज हो गई है। क्या आने वाले दिनों में आम लोगों को फ्यूल कीमतों में राहत मिलेगी? पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस पर सरकार का रुख साफ किया है। जानिए उन्होंने क्या कहा।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तुरंत कटौती की उम्मीद कर रहे लोगों को फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को साफ कहा कि इस समय पेट्रोल और डीजल के दाम घटाने का सवाल सही नहीं है।
अभी क्यों नहीं घटेंगे दाम?
हरदीप सिंह पुरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकारी तेल कंपनियों को अप्रैल-जून तिमाही में काफी नुकसान हुआ है। उनके मुताबिक इस दौरान ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को करीब 74,781 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।
हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि अप्रैल-जून तिमाही में सरकारी तेल कंपनियों की कुल अंडर रिकवरी 1.88 लाख करोड़ रुपये रही। इसमें डीजल पर 1.44 लाख करोड़ रुपये, पेट्रोल पर 19,905 करोड़ रुपये और एलपीजी पर 24,148 करोड़ रुपये की अंडर रिकवरी शामिल है।
कच्चा तेल सस्ता हुआ लेकिन असर तुरंत नहीं
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अमेरिका ईरान संघर्ष के दौरान कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई थीं। अब कच्चा तेल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। इसके बावजूद तेल कंपनियों को तुरंत राहत नहीं मिल रही है।
मंत्री के मुताबिक कंपनियां अभी भी वह कच्चा तेल प्रोसेस कर रही हैं, जिसे ज्यादा कीमत, ज्यादा इंश्योरेंस और ज्यादा फ्रेट रेट पर खरीदा गया था। इसलिए अभी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती को लेकर तुरंत फैसला लेना सही नहीं होगा।
दो तीन महीने बाद हो सकती है समीक्षा
पेट्रोल और डीजल सस्ता होगा या नहीं, इस पर पुरी ने कहा कि अगर कच्चे तेल की कीमतें अगले दो-तीन महीने तक कम रहती हैं, तो इस पर बात हो सकती है। हालांकि अभी उन्होंने इसे सिर्फ अनुमान बताया है।
मई में पेट्रोल और डीजल के दाम कुल मिलाकर करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए थे।
Nayara Energy की कटौती पर भी सफाई
Nayara Energy ने 1 जुलाई से पेट्रोल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर घटाए हैं। इस पर पुरी ने कहा कि यह असल में उस बढ़ोतरी की वापसी है, जो कंपनी ने अमेरिका ईरान संघर्ष के दौरान की थी। इस कटौती के बाद Nayara Energy के पंपों पर पेट्रोल और डीजल की कीमतें सरकारी तेल कंपनियों जैसी हो गई हैं।
रूस को सीधे फ्यूल नहीं बेच रहीं भारतीय कंपनियां
रूस को रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की सप्लाई पर पुरी ने कहा कि कोई भी भारतीय कंपनी, सरकारी हो या निजी, सीधे रूस को रिफाइंड फ्यूल नहीं बेच रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के रिफाइंड फ्यूल ट्रेडर्स के जरिए रूस तक पहुंच सकते हैं।

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