July 14, 2026

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नया सफर योजना : दिल्ली में पुराने ट्रकों-बसों की होगी छुट्टी, वाहन मालिकों को होगा फायदा

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक की चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में चल रहे पुराने कमर्शियल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ‘नया सफर योजना’ को लागू करने की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है।

जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना का उद्देश्य सड़कों से पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले ट्रक व बसों को हटाकर उनकी जगह आधुनिक BS-VI और इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों को बढ़ावा देना है। माना जा रहा है कि इससे राजधानी की हवा को साफ बनाने के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था भी अधिक आधुनिक और टिकाऊ होगी।

वाहन मालिकों को टैक्स छूट और आर्थिक मदद
देखा जा रहा है कि सरकार ने इस योजना को आकर्षक बनाने के लिए कई बड़े प्रोत्साहनों का ऐलान किया है। ‘नया सफर योजना’ के तहत पुराने वाहन बदलने वाले मालिकों को 100% मोटर व्हीकल टैक्स में छूट मिलेगी। इसके अलावा नए वाहन की रजिस्ट्रेशन फीस भी पूरी तरह माफ कर दी जाएगी। इतना ही नहीं, सरकार अन्य वित्तीय सहायता देने की भी तैयारी कर रही है ताकि ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों पर नए वाहन खरीदने का आर्थिक बोझ कम हो और वे आसानी से अपने पुराने वाहनों को बदल सकें। इसको लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रोत्साहन कमर्शियल सेक्टर में तेजी से वाहन बदलाव को बढ़ावा दे सकते हैं।

BS-IV और पुराने वाहन होंगे बाहर
योजना के तहत बताया जा रहा है कि BS-IV और उससे पुराने ट्रकों एवं बसों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाया जाएगा। उनकी जगह BS-VI मानकों वाले वाहन और इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल लाए जाएंगे। इसको लेकर सरकार का मानना है कि इससे न केवल वायु प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल कमर्शियल मोबिलिटी को भी नई रफ्तार मिलेगी। ऐसे में आने वाले सालों में यह कदम परिवहन क्षेत्र में बड़े बदलाव का आधार बन सकता है।

9,585 करोड़ रुपये की योजना
सरकार ने जानकारी देते हुए बताया है कि इस महत्वाकांक्षी योजना का कुल बजट 9,585 करोड़ रुपये रखा गया है। इसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड के माध्यम से केंद्र सरकार 5,041 करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग देगी। जिसको लेकर अनुमान है कि इस योजना का सीधा लाभ करीब 2.07 लाख ट्रक और बस मालिकों को मिलेगा। दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने भरोसा जताया है कि यह योजना प्रदूषण कम करने स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को अपने पुराने बेड़े को आधुनिक बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगी।

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