हथाईखेड़ा सिविल हॉस्पिटल में रोगी कल्याण सभा की बैठक में राज्यमंत्री ने दिए निर्देश
भोपाल। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनहितैषी बनाने पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि विभिन्न बस्तियों में नियमित स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि आमजन स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों और अधिक से अधिक मरीज सरकारी अस्पतालों की सेवाओं का लाभ उठा सकें।
राज्यमंत्री श्रीमती गौर हथाईखेड़ा सिविल अस्पताल में आयोजित रोगी कल्याण समिति की बैठक को संबोधित कर रही थीं। बैठक में अस्पताल की व्यवस्थाओं, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं तथा मरीजों को दी जा रही सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
उन्होंने अधिकारियों और चिकित्सकों से कहा कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की कमी या समस्या को लंबित न रखा जाए। इसके लिए प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जाएं, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार और सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि रोगी हित सर्वोच्च प्राथमिकता है और अस्पताल की कार्यप्रणाली भी उसी अनुरूप होनी चाहिए।
श्रीमती गौर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से क्षेत्रीय स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। बैठक से पूर्व राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अस्पताल का निरीक्षण कर विभिन्न वार्डों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर उनके स्वास्थ्य, उपचार व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से अस्पताल में मिलने वाली चिकित्सकीय सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा स्टाफ के व्यवहार के संबंध में भी फीडबैक लिया।
निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री ने प्रत्येक वार्ड में जाकर स्वास्थ्य सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया और चिकित्सकों एवं अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने अस्पताल परिसर की स्वच्छता, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की कार्यशीलता तथा मरीजों की सुविधा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को निरंतर बेहतर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

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