करीब डेढ़ साल पहले रिजर्व बैंक की कार्रवाई के बाद झटका झेलने वाली पेटीएम अब अपने डिजिटल वॉलेट कारोबार की वापसी की तैयारी में है। कंपनी ने अपनी सहयोगी इकाई पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज लिमिटेड के जरिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI) लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। यदि यह लाइसेंस मिल जाता है, तो पेटीएम एक बार फिर अपने ग्राहकों को डिजिटल वॉलेट की सुविधा दे सकेगी। कंपनी का मानना है कि इससे ग्राहकों को भुगतान के अधिक विकल्प मिलेंगे और उसके पेमेंट कारोबार को भी नई गति मिलेगी।
Paytm ने PPI लाइसेंस क्यों मांगा?
PPI (Prepaid Payment Instrument) एक डिजिटल वॉलेट सुविधा है, जिसमें यूजर पहले पैसे जमा करते हैं और बाद में इन पैसों से पेमेंट या खरीदारी कर सकते हैं। PPI लाइसेंस मिलने के बाद पेटीएम जैसी कंपनियां अपनी वॉलेट सेवा खुद चला सकती हैं। ऐसे मे पेटीएम को दूसरे बैंकों पर निर्भर नहीं रहना होगा।
RBI की कार्रवाई के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक के जरिए चलने वाली वॉलेट सेवा बंद हो गई थी। ऐसे में कंपनी ने दूसरे बैंकों के साथ साझेदारी करके UPI पेमेंट सेवा जारी रखी। अब नए PPI लाइसेंस के लिए आवेदन कर पेटीएम अपने वॉलेट कारोबार को दोबारा शुरू करना चाहती है और डिजिटल पेमेंट बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
Paytm का PPI लाइसेंस रद्द क्यों हुआ था?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियमों के उल्लंघन के कारण जैसे मनी लॉन्ड्रिंग (money laundering) का खतरा और ग्राहकों की उचित पहचान (KYC) न करने के कारण पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर पाबंदी लगाई थी। ऑडिट में पाया गया था कि एक ही पहचान प्रमाण (जैसे एक पैन कार्ड) का उपयोग करके कई खाते खोले गए थे और सिस्टम काफी कमजोर था। इसलिए अप्रैल 2026 में लगातार नियमों के उल्लंघन के चलते RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया।
नए लाइसेंस से Paytm को क्या फायदा होगा?
अगर RBI पेटीएम को PPI लाइसेंस की मंजूरी दे देता है, तो कंपनी अपनी डिजिटल वॉलेट सेवा दोबारा शुरू कर सकेगी। इससे ग्राहकों को UPI के अलावा पेमेंट का एक और विकल्प मिलेगा। साथ ही, पेटीएम ज्यादा ग्राहकों को जोड़ पाएगी, दुकानदारों के लिए अपनी सेवाएं मजबूत कर सकेगी और अपनी कमाई बढ़ाने के नए रास्ते बना सकेगी।
यह लाइसेंस पेटीएम के डिजिटल पेमेंट कारोबार को फिर से मजबूत करने में मदद कर सकता है। हालांकि, अभी RBI कंपनी के आवेदन की जांच करेगा। मंजूरी मिलने तक पेटीएम दूसरे बैंकों के साथ साझेदारी करके UPI सेवाएं जारी रखेगी।

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