July 22, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

कमजोर मानसून से महंगी हुई अरहर, क्या ₹9,000 के पार जाएगी कीमत?

कमजोर मानसून का असर अरहर की कीमतों पर दिख रहा है। बारिश कम होने से अरहर की बोआई पिछड़ गई है। जिससे इसकी कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। ग्लोबल मार्केट में अरहर महंगी होने से भी घरेलू बाजार में इसके दाम बढ़ने को बल मिला है। बाजार जानकारों के मुताबिक आगे भी अरहर की कीमतों में और तेजी आ सकती है। अरहर के दाम बढ़ने से अरहर दाल की कीमतों में भी इजाफा हुआ है।

कितनी महंगी हुई अरहर?
बीते एक महीने के दौरान अरहर के दाम 5 फीसदी तक चढ़ चुके हैं। महीने भर पहले दिल्ली मंडी में अरहर के थोक भाव ₹7,900-8,000 थे, जो अब बढ़कर ₹8,300-8,400 ​क्विंटल हो गए हैं। इस दौरान महाराष्ट्र की अकोला मंडी में भाव ₹8,025-8,050 से बढ़कर ₹8,000-8,350 प्रति ​क्विंटल हो गए हैं। अरहर के दाम बढ़ने से अरहर दाल की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। दिल्ली मंडी में अरहर दाल के थोक भाव महीने भर में ₹350 चढ़कर ₹11,800-12,000 और अकोला में इसके भाव ₹300 बढ़कर ₹11,600-11,800 ​क्विंटल हो गए हैं।

अरहर क्यों महंगी, कितनी और बढ़ेगी?
इंडिया पल्सेज एंड ग्रेन्स एसोसिएशन (आईपीजीए) के सचिव सतीश उपाध्याय कहते हैं fकि म्यांमार की लेमन अरहर के दाम बंदरगाहों पर कम स्टॉक, विदेशों से महंगे आयात, रुपये की कमजोरी के कारण बढ़ गए। अफ्रीका से आने वाली अरहर के दाम में भी इजाफा हुआ है। आउटलुक के बारे में उपाध्याय ने कहा कि आने वाले सप्ताह में अरहर के दाम सीमित दायरे में रह सकते हैं, हालांकि बाजार को समर्थन मिलता रहेगा। मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। लेकिन घरेलू आपूर्ति में बड़ा सुधार नहीं होने तक कीमतों में तेज गिरावट की संभावना नहीं है।

आईग्रेन इंडिया के निदेशक राहुल चौहान ने बताया कि ताजा आंकड़ों के मुताबिक कमजोर मॉनसून का असर खरीफ सीजन में दलहन बोआई पर दिख रहा है। इस सीजन की सबसे बड़ी फसल अरहर का रकबा ताजा आंकड़ों के मुताबिक करीब 18 फीसदी घटकर 24.80 लाख हेक्टेयर रह गया है। जिससे अरहर के दाम बढ़े हैं और आगे भी इनकी कीमतों में तेजी जारी रह सकती है।

कमोडिटी एक्सपर्ट और एग्रोकॉर्प इंटरनेशनल में रिसर्च हेड इंद्रजीत पॉल ने बताया कि अरहर में आगे का आउटलुक निकट अवधि में सकारात्मक बना हुआ है। म्यांमार से आने वाली लेमन अरहर के ऊंचे भाव ने बाजार को मजबूती दी है। इसके साथ ही अरहर दाल की बेहतर मांग और त्योहारी सीजन से पहले मिलों की सक्रिय खरीदारी भी कीमतों को समर्थन दे रही है। इसलिए अगस्त तक बाजार में मजबूती बनी रह सकती है और अरहर के दाम 200 रुपये बढ़कर ₹8,600 ​क्विंटल तक जा सकते हैं। पॉल ने कहा कि ₹8,600 पहला महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर टिकाऊ बढ़त मिलने पर अरहर में ₹9,000-9,200 तक की तेजी देखने को मिल सकती है।

Spread the love