नईदिल्ली. केंद्र सरकार ने पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है. बुधवार (16 सितंबर, 2026) को गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत एसबीएन को प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की लिस्ट में शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए यह कार्रवाई की गई है.
सरकार का कहना है कि इस ग्रुप का लिंक कई आतंकी घटनाओं से है. ये ग्रुप एंटी नेशनल गतिविधियों के लिए लालच देकर युवाओं को गुमराह करने की कोशिश करता है और विस्फोटक, हथियारों और मादक पदार्थों की सीमापार तस्कीर जैसी गतिविधियों में भी शामिल है. ये एक्शन ऐसे समय पर लिया गया है जब पहले से ही एजेंसियां एसबीएन के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई कर रही हैं.
केंद्र सरकार के अनुसार पिछले महीने स्वतंत्रता दिवस पर हमले की साजिश रच रहे एसबीएन के खिलाफ 14 राज्यों में ऑपरेशन चलाया गया था, जिसके तहत नेटवर्क के खिलाफ 14 एफआईआर दर्ज की गईं और 20 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया. केंद्र की एजेंसियों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया था.
गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में लिखा, ‘यह ग्रुप सीमापार हथियारों, एक्सप्लोसिव और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल है. इसके अलावा यह युवाओं और अपराधियों को आतंकवाद के लिए उकसाता है. भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और सांप्रदायिक सौहार्द के ताने-बाने को निशाना बनाते हुए इस गिरोह ने नफरत फैलाने वाली डिजिटल सामग्री भी प्रकाशित की.’
बुधवार को गृह मंत्रालय ने भी एक राजपत्र अधिसूचना जारी की है, जिसमें बताया गया कि यूएपीए के सेक्शन 35(1)(A) के तहत शहजाद भट्टी नेटवर्क को अधिनियम की पहली अनुसूची में शामिल किया गया है. इस अनुसूची में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों को रखा गया है. यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि सरकार का मानना है कि एसबीएन भारत में आतंकवाद की विभिन्न घटनाओं में शामिल है.
अधिसूचना के अनुसार, ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क एक ऐसा संगठन है, जिसका मकसद भोले-भाले युवाओं और स्थानीय अपराधियों को ग्रुप में शामिल कर सीमापार से हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी करना है. टेरर एक्टिविटीज के जरिए ये ग्रुप देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, सांप्रदायिक सौहार्द और आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है.’
अधिसूचना में बताया गया कि एसबीएन के सदस्यों के खिलाफ यूएपीए, भारतीय न्याय संहिता, शस्त्र अधिनियम, विस्फोटक अधिनियम, आईटी एक्ट और संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम जैसे कानूनों के तहत आपराधिक मामले दर्ज हैं. एसबीएन पहली सूची में रखे गए प्रतिबंधित आतंकी संगठनों में शामिल 46वां समूह है. यूएपीए के तहत किसी संगठन को पहली अनुसूची में शामिल करने से वह औपचारिक रूप से भारतीय कानून के तहत आतंकवादी घोषित संगठनों की सूची में आ जाता है.
अधिसूचना में यह भी कहा गा कि शहजाद भट्टी नेटवर्क हिंसक गतिविधियों के माध्यम से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था बाधित होती है. साथ ही यह विभिन्न डिजिटल संचार माध्यमों का इस्तेमाल कर भड़काऊ संदेश प्रसारित कर रहा है, जिससे देश की अखंडता के लिए गंभीर चुनौती पैदा हो रही है.

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