पटना
पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में मरीजों को बेहतर और सटीक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। अब अस्पताल में मरीजों के सटीक उपचार के लिए एआई आधारित जांच और इलाज की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
IGIMS में रोबोटिक्स फिजियोथेरेपी की शुरुआत
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि हाल ही में संस्थान में 164 बेड के आई हॉस्पिटल का निर्माण किया गया है। इसके अलावा मरीजों के लिए रोबोटिक्स फिजियोथेरेपी सेवा शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि रोबोटिक्स तकनीक के माध्यम से जनरल सर्जरी, यूरो सर्जरी, ऑन्को सर्जरी, गायनी सर्जरी समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इससे जटिल सर्जरी अधिक सटीकता और कम समय में संभव हो सकेगी।
1200 बेड का मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल निर्माणाधीन
राजधानी के प्रमुख अस्पतालों में शामिल इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में 1200 बेड का मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल भी निर्माणाधीन है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस वर्ष दिसंबर तक इस नए अस्पताल की शुरुआत कर दी जाएगी। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, निर्माणाधीन अस्पताल में अत्याधुनिक आईसीयू और इमरजेंसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे मरीजों को उन्नत और बेहतर उपचार मिल सकेगा।
वर्तमान में 1700 बेड की सुविधा
संस्थान में वर्तमान में लगभग 1500 से 1700 बेड की सुविधा उपलब्ध है। हाल ही में 500 बेड वाले नए अस्पताल भवन का उद्घाटन किया गया है। इसमें फिलहाल 100 बेड पर मरीजों का इलाज शुरू हो चुका है, जबकि शेष 400 बेड को भी जल्द ही चालू करने की तैयारी है। इन सुविधाओं के शुरू होने से मरीजों को सभी प्रकार की चिकित्सीय सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकेंगी।

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