भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 नई दिल्ली में नीवक्लाउड के प्रदर्शनी स्टॉल का अवलोकन किया। साथ ही नीवक्लाउड के फाउंडर एवं सीईओ नरेन सेन से कंपनी की गतिविधियों एवं भावी योजनाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सेन ने बताया कि इंदौर आधारित नीवक्लाउड की स्थापना भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से की गई है। कंपनी स्वदेशी एआई और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है, जिससे देश का डेटा देश में ही सुरक्षित रह सके। नीवक्लाउड और रैकबैंक के साथ वर्तमान में 150 से अधिक कुशल प्रोफेशनल्स कार्यरत हैं, जो इंजीनियरिंग, एआई, क्लाउड, डेटा सेंटर ऑपरेशंस और रिसर्च के क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं।
सेन ने बताया कि कंपनी स्वदेशी एआई चिप के विकास की दिशा में भी कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य विदेशी निर्भरता कम करना, संवेदनशील डेटा को देश में सुरक्षित रखना और रणनीतिक तकनीक पर भारत का नियंत्रण सुनिश्चित करना है। अब तक 700 करोड़ रुपये का निवेश सुरक्षित किया जा चुका है और आगामी पाँच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर्स और सेमीकंडक्टर तकनीक के विकास के लिए प्रस्तावित है। रैकबैंक के माध्यम से ऊर्जा-कुशल और हाई-डेंसिटी एआई डेटा सेंटर्स स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे रोजगार सृजन और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिल रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एआई, क्लाउड और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस प्रकार के नवाचार देश को डिजिटल क्षेत्र में सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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