June 17, 2026

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बेटी तो बेटी है…अखिलेश की बेटी के अपमान पर भड़के योगी; सपा प्रमुख को भी नसीहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की पुत्री पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा कि बेटियों के सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सीएम योगी ने इस मामले में तत्काल FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए, जिससे प्रशासन हरकत में आ गया है।

‘बेटी-बेटी होती है’, सीएम योगी का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने जैसे ही इस मामले की जानकारी मिली, तुरंत पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों को लेकर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।उन्होंने कहा कि, बेटी-बेटी होती है। हम ऐसे संस्कारों में पले हैं जहां कहा जाता है—गांव की बेटी सबकी बेटी और गांव की बहन सबकी बहन होती है। सीएम योगी ने यह भी कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति को इस तरह की भाषा का समर्थन नहीं करना चाहिए।

अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना

सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों को नैतिकता का पाठ पढ़ाते हैं, उन्हें अपने समर्थकों को भी संयमित भाषा का इस्तेमाल करने के लिए कहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शालीनता और मर्यादा सबसे जरूरी है और किसी भी स्थिति में इसका उल्लंघन नहीं होना चाहिए।

आजमगढ़ के विकास का किया उल्लेख

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ के विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यह क्षेत्र विकास के कई बड़े प्रोजेक्ट से वंचित था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। उन्होंने बताया कि पहले यहां विश्वविद्यालय, एयरपोर्ट और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, लेकिन अब कई विकास कार्य पूरे हो चुके हैं।

स्थानीय कारीगरों को मिला फायदा

सीएम योगी ने यह भी कहा कि डबल इंजन सरकार के बाद स्थानीय उद्योगों को बड़ा फायदा हुआ है। उन्होंने खास तौर पर मुबारकपुर की ब्लैक पॉटरी और साड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि अब इन उत्पादों को बेहतर बाजार और पहचान मिल रही है। उन्होंने बताया कि एक कारीगर ने खुद उनसे मिलकर कहा कि सरकार की नीतियों से उनका कारोबार कई गुना बढ़ गया है।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी और सोशल मीडिया पर भाषा की मर्यादा को लेकर बहस छेड़ दी है। सीएम योगी के सख्त रुख के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है, जबकि विपक्ष भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकता है।

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