March 28, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

पंजाब का अनोखा रेलवे स्टेशन, जहां साल में सिर्फ 2 बार रुकती है ट्रेन, साल में सिर्फ 2 दिन चलती है ये ट्रेन

हुसैनीवाला
भारत में रेलवे का नेटवर्क बहुत बड़ा है और ज्यादातर स्टेशनों पर हर दिन कई ट्रेनें आती-जाती रहती हैं। लेकिन एक ऐसा अनोखा स्टेशन भी है, जहां पूरे साल में सिर्फ दो बार ही ट्रेन पहुंचती है। यही वजह है कि यह स्टेशन इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। हाल ही में एक वायरल वीडियो में एक शख्स इस स्टेशन के बारे में बताता नजर आता है। वह स्टेशन पर खड़ी ट्रेन (Unique Railway Station India) के पास खड़े होकर कहता है कि यह वही खास ट्रेन है, जो साल में सिर्फ दो बार चलती है। वीडियो में वह रेलवे ट्रैक भी दिखाता है, जहां साफ दिखाई देता है कि पटरी आगे जाकर खत्म हो जाती है।

इस स्टेशन पर ट्रेन आती है सिर्फ दो बार 
यानी यह इस लाइन का आखिरी स्टेशन है और यहां से ट्रेन आगे नहीं जाती, बल्कि वापस उसी दिशा में लौट जाती है, जहां से आई होती है। इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर “northern_vlogger” नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है, जिसे लाखों लोग देख चुके हैं। यह खास स्टेशन पंजाब के फिरोजपुर जिले के पास हुसैनीवाला बॉर्डर के नजदीक स्थित है, जिसे हुसैनीवाला रेलवे स्टेशन (Hussainiwala Railway Station) कहा जाता है। यह स्टेशन अपनी अनोखी व्यवस्था के कारण लोगों को हैरान कर देता है। यहां पूरे साल में केवल दो ही बार ट्रेन आती है और बाकी समय यह स्टेशन (Indian Railways Facts) लगभग सुनसान रहता है। इन दो खास दिनों में पहला दिन 23 मार्च होता है और दूसरा 13 अप्रैल, जो बैसाखी का दिन होता है।

साल में सिर्फ 2 बार ही क्यों आती है ट्रेन?
हुसैनीवाला स्टेशन की सबसे खास बात यही है कि यहां रोजाना ट्रेन नहीं चलती. पूरे साल में सिर्फ दो खास मौकों पर ही ट्रेन यहां तक पहुंचती है. पहली ट्रेन 23 मार्च को चलती है, जो शहीद भगत सिंह की शहादत दिवस के मौके पर चलाई जाती है. इस दिन देशभर से लोग हुसैनीवाला बॉर्डर पर उन्हें श्रद्धांजलि देने आते हैं. वहीं, दूसरी ट्रेन की बात करें तो ये 13 अप्रैल को चलती है, जो बैसाखी के पर्व के अवसर पर चलाई जाती है. इन दोनों दिनों पर यहां काफी भीड़ देखने को मिलती है, जबकि बाकी समय यह स्टेशन लगभग खाली रहता है। 

वायरल वीडियो से बढ़ी चर्चा
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति इस स्टेशन के बारे में जानकारी देता नजर आता है. वह बताता है कि जिस जगह वह खड़ा है, वहां साल में सिर्फ दो बार ही ट्रेन आती है. इस वीडियो में वो शख्स स्टेशन और वहां खड़ी ट्रेन की झलक भी दिखाता है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. इस अनोखी जानकारी ने इंटरनेट यूजर्स को हैरान कर दिया और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रिया देने लगे। 

रेलवे लाइन का आखिरी पड़ाव
हुसैनीवाला रेलवे स्टेशन आखिरी रेलवे स्टेशन है और यहां पर आकर रेलवे लाइन भी खत्म हो जाती है. यह उत्तर रेलवे की आखिरी रेलवे लाइन है. यहां आई हुई ट्रेन उसी दिशा में वापस लौटती है, जहां से आई होती है. इस स्टेशन से पहले लाहौर तक की ट्रेन जाया करती थी, जिसे लोग पकड़ते थे. मगर अब वो भी बंद कर दिया गया है. इसके आगे पाकिस्तान लग जाता है। 

लोगों की प्रतिक्रियाएं और भावनाएं
वीडियो देखने के बाद कई लोगों ने इसपर अपनी प्रतिक्रियाएं दी. कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि इस स्टेशन का नाम बदलकर शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा देना चाहिए. वहीं, कुछ यूजर्स ने गर्व के साथ कहा कि वो फिरोजपुर से हैं और इस खास जगह से उनका काफी लगाव है। 

23 मार्च का दिन देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी। इस दिन को शहादत दिवस (Shaheedi Diwas Train) के रूप में मनाया जाता है। बड़ी संख्या में लोग हुसैनीवाला बॉर्डर पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए इस मौके पर स्पेशल ट्रेन चलाई जाती है। दूसरी बार 13 अप्रैल को बैसाखी (Baisakhi Special Train) के अवसर पर भी यहां ट्रेन चलाई जाती है, क्योंकि उस दिन भी बड़ी संख्या में लोग इस क्षेत्र में पहुंचते हैं। इन दो दिनों के अलावा यह स्टेशन लगभग खाली ही रहता है। इस अनोखे स्टेशन की कहानी लोगों को काफी आकर्षित कर रही है। यही कारण है कि इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे देखकर हैरान भी हो रहे हैं और भारत के रेलवे सिस्टम की इस खासियत को जानकर उत्साहित भी हैं।

Spread the love