चंडीगढ़.
खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के मामले में पंजाब सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट रणनीति तय कर ली है। सूत्रों के अनुसार, 22 अप्रैल को समाप्त हो रही राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत को आगे बढ़ाने की संभावना नहीं है, लेकिन इसके साथ ही अमृतपाल की रिहाई भी नहीं होगी। राज्य पुलिस अजनाला थाना हमले के मामले में उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार करेगी, जिसके बाद वह असम की डिब्रूगढ़ जेल में ही बंद रहेगा।
पंजाब गृह विभाग ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर साफ किया है कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा कारणों से अमृतपाल को एनएसए समाप्त होने के बाद भी डिब्रूगढ़ जेल में ही रखा जाए। राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के संयुक्त आकलन के बाद यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने अंतिम समय में किसी भी बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया है।
फरवरी 2023 में अमृतसर के अजनाला थाने पर हुए हमले के मामले में अमृतपाल सिंह को मुख्य आरोपित बनाते हुए कुल 41 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कई गंभीर धाराओं में आरोप तय किए गए हैं।
इनमें धारा 307 (हत्या का प्रयास), 353 (लोक सेवक पर हमला), 186 (सरकारी कार्य में बाधा), 506 (आपराधिक धमकी), 332 और 333 (लोक सेवक को चोट व गंभीर चोट पहुंचाना), 120बी (आपराधिक साजिश), 427 (नुकसान), 148 (दंगा), 149 (गैरकानूनी जमावड़ा) और 201 (साक्ष्य मिटाना) शामिल हैं। इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 25 भी लगाई गई है।
जांच के अनुसार, अमृतपाल अपने समर्थकों के साथ हथियारों से लैस होकर अजनाला थाने पहुंचा था। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़े, थाने में घुसकर पुलिसकर्मियों से टकराव किया और एक साथी को जबरन छुड़ाने की कोशिश की। इस घटना के बाद राज्यभर में व्यापक सुरक्षा अभियान चलाया गया था। मामले की सुनवाई अब तक शुरू नहीं हो सकी है, क्योंकि अमृतपाल एनएसए के तहत निरुद्ध था। अब आरोप तय होने के बाद ट्रायल प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है। पुलिस ने डिब्रूगढ़ जेल जाकर गिरफ्तारी की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए टीम तैयार कर ली है।
इसी मामले में सरकार पहले ही अमृतपाल के नौ करीबी सहयोगियों की एनएसए हिरासत समाप्त कर उन्हें पंजाब ला चुकी है। इनमें पापलप्रीत सिंह (मीडिया सलाहकार), कुलवंत सिंह राउके, हरजीत सिंह चाचा, गुरिंदर पाल सिंह उर्फ गुरी, गुरमीत सिंह बुक्कनवाला, भगवंत सिंह, दलजीत सिंह कालसी, बसंत सिंह और वरिंदर सिंह उर्फ फौजी शामिल हैं। सभी आरोपित वर्तमान में पंजाब की विभिन्न जेलों में बंद हैं और पुलिस कस्टडी में हैं। अमृतपाल सिंह को अप्रैल 2023 में मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से वह डिब्रूगढ़ जेल में निरुद्ध है। 2024 के लोकसभा चुनाव में उसने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में 1.9 लाख मतों से जीत दर्ज की थी। उसने 5 जुलाई 2024 को शपथ ली, लेकिन इसके बाद किसी संसदीय कार्यवाही में भाग नहीं ले सका। संसद सत्र में शामिल होने के लिए दायर उसकी पैरोल याचिकाएं भी अदालत ने कानून-व्यवस्था के आधार पर खारिज कर दी थीं।
22 अप्रैल के बाद की कार्रवाई इस पूरे मामले में निर्णायक होगी। मौजूदा संकेत यही हैं कि एनएसए हटेगा, लेकिन अमृतपाल की हिरासत समाप्त नहीं होगी और अजनाला कांड में गिरफ्तारी के साथ कानूनी शिकंजा ढीला नहीं पड़ेगा और अजनाला कांड में गिरफ्तारी के साथ मामला अगले चरण में प्रवेश करेगा।

Related Posts
पुलिस की गांजा तस्करों पर बड़ी कार्यवाही, 03 आरोपियो को 6.285 किलोग्राम गांजा के साथ किया गिरफ्तार
एयरपोर्ट के पास की जमीनों की खरीदी-बिक्री पर रोक, क्या रीवा में होने वाला है बड़ा बदलाव?
सुकमा की बेटी लावण्या को मिली नई मुस्कान, मुख्यमंत्री ने दिया आशीर्वाद