- जबलपुर हाईकोर्ट ने सुनाया महत्वपूर्ण फैसला : कोविड के समय बैंक द्वारा वसूली गई कमर्शियल रेट ऑफ इंटरेस्ट को गलत माना
जबलपुर। होम लोन से जुडे एक महत्वपूर्ण मामले में सुनवाई करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट ने न सिर्फ बैंक को गलत ठहराया, बल्कि याचिकाकार्ता को ब्याज समेत राशि लौटाने के निर्देश भी दिए। मामला कोविड के समय लिए गए होमलोन से जुडा हुआ है। जिसमें न्यायमूर्ति Justice Vishal Mishra की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता संजीव गुप्ता को राहत देते हुए बैंक के खिलाफ फैसला सुनाया है।
मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता संजीव गुप्ता ने वर्ष 2017 में बैंक आफ बरोदा, जबलपुर ब्रांच से लगभग 57 लाख रुपए का होम लोन लिया था। लेकिन कोरोना बीमारी और लॉकडाउन के चलते मकान निर्माण समय पर पूरा नहीं हो पाया। याचिकाकर्ता ने कोरोना कारणों का हवाला देते हुए मकान निर्माण के लिए दो साल का अतिरिक्त समय भी मांगा था, लेकिन इस पर बैंक ने कोई विचार नहीं किया और नियमों के विपरीत जाकर होमलोन पर कमर्शियल रेट ऑफ इंटरेस्ट लगाकर वसूली कर ली।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट में अपनी याचिका में आरोप लगाया कि कोविड-19 अवधि के दौरान बैंक द्वारा नियमों के विपरीत कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त राशि वसूली गई। याचिकाकर्ता ने करीब 15 लाख 38 हजार 421 रुपए ब्याज सहित वापस दिलाने की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश त्रिपाठी ने पक्ष रखा, जबकि बैंक एवं अन्य पक्षों की ओर से अधिवक्ताओं ने जवाब प्रस्तुत किया। मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए याचिका को मंजूर कर लिया तथा संबंधित बैंक को राहत प्रदान करने संबंधी निर्देश दिए।
यह फैसला बैंकिंग मामलों एवं कोविड-19 अवधि में वित्तीय संस्थानों की कार्यप्रणाली से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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