Udaan Desk. एक तरफ बड़े खाद्य ब्रांड सैकड़ों किलो माल बनाकर बाजार में उतारते हैं, वहीं गोवा की मारिया डी मेलो ने सिर्फ 10 जार अचार से अपना कारोबार शुरू किया। न फैक्ट्री लगाई, न बड़े पैमाने पर उत्पादन किया और न ही तेजी से विस्तार की होड़ में गईं। उन्होंने घर की रसोई, पारंपरिक गोवा के स्वाद और छोटे बैच को अपना बिजनेस मॉडल बनाया। 15 साल बाद यही छोटा कारोबार 6 देशों तक ग्राहक बना चुका है।
द बेटर इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, मारिया का कारोबार ‘द गोअन होमस्टेड’ नाम से चलता है। इसमें गोवा के पारंपरिक अचार, मसाले, जैम, नारियल तेल, स्क्वैश और हाथ से बने साबुन जैसे उत्पाद शामिल हैं। खास बात यह है कि उनका कारोबार आज भी घर से चलता है और ज्यादातर उत्पाद छोटे बैच में तैयार किए जाते हैं।
सिर्फ 10 जार से हुई थी शुरुआत
मारिया डी मेलो ने 2010 के आखिर में पहली बार कारोबार आजमाने का फैसला किया। उन्होंने गोवा का पारंपरिक टेंडलिम अचार बनाया। इसके सिर्फ 10 जार तैयार किए गए थे। यह कोई बड़ा कारोबारी प्रयोग नहीं था। मारिया को खुद भी यकीन नहीं था कि लोग इसे खरीदेंगे। लेकिन पहला बैच उम्मीद से जल्दी बिक गया। उन्होंने दोबारा अचार बनाया और वह भी जल्दी बिक गया। यहीं से उन्हें समझ आया कि घर में तैयार किया जाने वाला पारंपरिक गोवा का खाना सिर्फ परिवार तक सीमित रखने के बजाय कारोबार का आधार भी बन सकता है।
नौकरी से रसोई तक कैसे पहुंचीं मारिया?
कारोबार शुरू करने से पहले मारिया का क्षेत्र बिल्कुल अलग था। उनके पास क्लिनिकल साइकोलॉजी में मास्टर डिग्री थी और उन्होंने कुछ समय गैर-सरकारी संस्थाओं के साथ काम किया। शादी और बच्चों के बाद उन्होंने घर से काम करने के विकल्प पर विचार किया। खाना बनाना उन्हें पहले से पसंद था, इसलिए उन्होंने छोटे स्तर पर कुछ उत्पाद बनाकर बेचने का फैसला किया। शुरुआत में उनका लक्ष्य कोई बड़ा ब्रांड खड़ा करना नहीं था। उन्होंने बस यह देखना चाहा कि क्या लोग घर में बने पारंपरिक गोवा के उत्पाद खरीदना चाहेंगे? पहले ही बैच की बिक्री ने इस सवाल का जवाब दे दिया।
बनाए जाते हैं ये उत्पाद
- गोवा के पारंपरिक अचार
- करी मसाले
- जैम
- नारियल तेल
- मौसमी स्क्वैश
- प्रॉन बालचाओ
- किंगफिश मोल्हो
- रेकाडो मसाला
- शाकुटी मसाला
- हाथ से बने साबुन
करी मसाले की बंपर डिमांड
मारिया के कारोबार में गोवा का करी मसाला पाउडर सबसे ज्यादा मांग वाले उत्पादों में शामिल हो चुका है। यह मसाला हर कुछ दिनों में ताजा तैयार किया जाता है। मसालों को कम मात्रा में पीसकर पैक किया जाता है। इसके लिए आम तौर पर 250 ग्राम का पैक रखा जाता है । इसकी कीमत करीब ₹350 है। रिपोर्ट के मुताबिक कई बार इस उत्पाद के लिए ग्राहकों को इंतजार भी करना पड़ता है।
ऐसा है बिजनेस मॉडल
ग्राहक को मसालों की लंबी सूची खरीदने और उन्हें अलग-अलग पीसने की जरूरत नहीं पड़ती। मसाला इस्तेमाल करके वह कम समय में गोवा शैली की करी तैयार कर सकता है। यानी उत्पाद सिर्फ स्वाद नहीं बेच रहा, बल्कि सुविधा भी बेच रहा है।
कारोबार का ग्राहक आधार कैसे बढ़ा?
मारिया ने अपने कारोबार को बड़े विज्ञापन अभियान के सहारे नहीं बढ़ाया। आज उनके करीब 250 नियमित ग्राहक हैं। इसके अलावा करीब 150 लोग एक व्हाट्सऐप समूह से जुड़े हैं, जहां नए बैच तैयार होने की जानकारी ग्राहकों को दी जाती है। यानी कारोबार का एक बड़ा हिस्सा सीधे ग्राहक संपर्क पर आधारित है। जब कोई नया बैच तैयार होता है तो पहले से जुड़े ग्राहकों को जानकारी मिल जाती है। इस मॉडल में सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म सिर्फ प्रचार का जरिया नहीं हैं, बल्कि ग्राहक तक सीधे पहुंचने का बिक्री चैनल भी हैं।
सात समंदर पार पहुंचा कारोबार
मारिया के उत्पाद अब सिर्फ गोवा तक सीमित नहीं हैं। उनके कई ग्राहक गोवा घूमने या अपने घर आने के बाद उत्पाद खरीदते हैं और वापस विदेश जाते समय इन्हें अपने साथ ले जाते हैं। इन ग्राहकों में यूके, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, डेनमार्क और अमेरिका में रहने वाले लोग शामिल हैं। कई ग्राहक विदेश में अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए भी उत्पाद लेकर जाते हैं। फिर यही लोग नए ग्राहक बनते हैं। इस तरह कारोबार में ग्राहक की सिफारिश एक महत्वपूर्ण बिक्री माध्यम बन गई। रिपोर्ट के मुताबिक गोवा के बाहर मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे शहरों में भी उनके ग्राहक हैं।

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