चंडीगढ़.
मुंबई में तरबूज खाने से कथित मौत की खबरों के सामने आने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन का स्वास्थ्य और फूड सेफ्टी विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शहर की विभिन्न मार्केटों से तरबूज के सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए एफ.एस.एस.ए.आई से मान्यता प्राप्त एन.ए.बी.एल. लैबोरेटरी में भेजा गया है।
इसके साथ ही शहर के कई सेक्टरों में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब भी तैनात की गई हैं, ताकि मौके पर ही फलों की गुणवत्ता की जांच की जा सके। प्रारंभिक जांच रिपोर्टों में अब तक किसी भी प्रकार के नकली रंग या अतिरिक्त मिठास की मिलावट सामने नहीं आई है, हालांकि विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए विभाग ने विशेष एडवाइजरी जारी कर सड़क किनारे बिकने वाले कटे या छिले फल न खाने की सलाह दी है।
लाइसेंसधारी से ही खरीदारी की अपील
इसके साथ ही ज्यादा पके, खराब या बदबूदार फल न खरीदने, उपयोग से पहले फलों को अच्छी तरह धोने और केवल साफ-सुथरे व लाइसेंसधारी दुकानदारों से ही खरीदारी करने की अपील की गई है। विभाग ने यह भी कहा है कि यदि कहीं मिलावट या अस्वास्थ्यकर गतिविधि नजर आए, तो नागरिक तुरंत ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप या एफ.एस.एस.ए.आई. पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

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