नई दिल्ली
पूर्वी दिल्ली की संजय झील में सैकड़ों मछलियों की मौत हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि इसका कारण पानी की आपूर्ति में समस्याओं के चलते झील का सूखना हो सकता है। संजय झील के लिए दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा पानी की आपूर्ति की जाती है।
इस विशाल जल निकाय का प्रबंधन करने वाले दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ‘‘झील के जलस्तर को बनाए रखने के लिए उपचारित पानी की आपूर्ति की जिम्मेदारी सरकारी स्वामित्व वाली एक जल आपूर्ति एजेंसी के पास है
कोंडली से संजय झील में पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी
डीडीए के अनुसार, पास के कोंडली मलजल शोधन संयंत्र (एसटीपी) से उपचारित पानी को संजय झील तक पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी। घटनाक्रम से अवगत डीजेबी के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि पाइपलाइन को हुए नुकसान और उसके बाद किए गए मरम्मत कार्यों के कारण झील में उपचारित पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
मरम्मत कार्यों के कारण 3 महीनों से झील में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही थी
अधिकारी ने बताया कि मरम्मत कार्यों के कारण पिछले चार महीनों से झील में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि लगभग चार महीने पहले जलाशय में पानी पहुंचाने वाली पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, लेकिन तब तापमान इतना अधिक नहीं था और स्थिति नियंत्रण में थी। लेकिन अब भीषण गर्मी के कारण झील सूख गई है।
जल विशेषज्ञ भीम सिंह रावत के अनुसार, डीजेबी की जल आपूर्ति लाइन में रिसाव के कारण झील के कुछ हिस्से सूख गए, जो बड़े पैमाने पर मछलियों की मौत का कारण हो सकता है।
यमुना एक्टिविस्ट ने क्या कहा
यमुना कार्यकर्ता और 'साउथ एशिया नेटवर्क ऑन डैम्स, रिवर्स एंड पीपल' के सदस्य रावत ने कहा, ‘‘हाल ही में झील की जल आपूर्ति पाइपलाइन में रिसाव हुआ, जिसके कारण झील का जलस्तर काफी कम हो गया है। रिसाव कब हुआ, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। अब तक झील के कुछ हिस्से पूरी तरह सूख चुके हैं। इसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर मछलियों की मौत हुई है।’’

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