July 22, 2026

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राज्यपाल की सख्ती का असर: 5 विश्वविद्यालयों ने 213 करोड़ रुपये का हिसाब किया जमा

पटना

 राज्यपाल सैयद अता हसनैन की सख्ती के बाद राज्य के पांच विश्वविद्यालयों ने पूर्वमें खर्च राशि का हिसाब और उपयोगिता प्रमाण पत्र उच्च शिक्षा विभाग को सौंप दिया है।

बीआर आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुंगेर विश्वविद्यालय, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय और पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने 213 करोड़ 34 लाख रुपये का हिसाब नहीं दिया था।

तब राज्यपाल ने इस मामले में कुलसचिवों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। इन विश्वविद्यालयों ने अपना हिसाब क्लियर करते हुए पूरी रिपोर्ट विभाग को सौंप दी है।

विश्वविद्यालयों को वेतन-पेंशन में 434.86 करोड़ जल्द मिलेगा
इसे महालेखाकार कार्यालय को उपलब्ध करा दिया गया है क्योंकि इस मामले में महालेखाकार कार्यालय से वित्तीय अनियमितता का संदेह जताया था।

हालांकि, उच्च शिक्षा विभाग ने संबंधित विश्वविद्यालयों की आडिट में कमियों काे भी चिन्हित किया है जिस पर स्पष्टीकरण कुलसचिवों से मांगा गया है।

वहीं विभाग द्वारा अगले सप्ताह तक विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों व कर्मियों के पेंशन मद में तीन माह का वेतन एकमुश्त राशि 434 करोड़ 86 लाख रुपये जारी करने की तैयारी हो रही है।

उच्च शिक्षा निदेशक प्रो.एनके अग्रवाल ने अन्य विश्वविद्यालयों से भी खर्च राशि का आडिट रिपोर्ट के साथ उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने को कहा है।

विभाग के स्तर से महालेखाकार कार्यालय को भेजी गई आडिट रिपोर्ट
उन्होंने अक्टूबर, 2021 से नवंबर, 2022 के बीच महालेखाकार द्वारा किए गए आडिट में पायी गयी कमियों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की है।

उन्होंने कहा है कि जिस तरह पांच विश्वविद्यालयों ने सभी उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा किया है उसी तरह अन्य विश्वविद्यालयों द्वारा भी उपयोगिता प्रमाण पत्र जल्द जमा किया जाना चाहिए।

उन विश्वविद्यालयों के लिए वेतन और पेंशन के भुगतान के संबंध में, जितनी जल्दी संभव हो, निर्णय लिया जा सकता है, जिनकी उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने में लंबित मामलों की दर शून्य प्रतिशत है।

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