May 15, 2026

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बंगाल में BJP की बड़ी बढ़त, असम में तीसरी बार सत्ता और केरल में भी ऐतिहासिक प्रदर्शन

नई दिल्ली

पश्चिम बंगाल में भाजपा पहली बार सत्ता पाने वाली है। उसे विधानसभा चुनाव में अब तक 198 सीटों पर बढ़त मिल चुकी है। इसके अलावा असम में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आई है। यही नहीं भाजपा की इस लहर का मोमेंटम केरल तक में दिखा है। दक्षिण भारत के इस राज्य में भाजपा लंबे समय से अपनी पैठ जमाने की कोशिश करती रही है, लेकिन सफल नहीं हुई है। इस बार विधानसभा चुनाव में उसे कुछ उम्मीद दिख रही है और अब तक उसके दो कैंडिडेट जीत चुके हैं। इन कैंडिडेट्स में से एक वी. मुरलीधरण भी हैं, जो कजाकुट्टम सीट से सीपीएम के कैंडिडेट के. सुरेंद्रन से जीत गए। उन्होंने 18 राउंड तक चली काउंटिंग में 428 वोटों से जीत हासिल की है।

इसके अलावा नमोम सीट से पूर्व सांसद राजीव चंद्रशेखर ने भी जीत हासिल की है। इस तरह भाजपा ने बंगाल और असम के बाद केरल में भी इतिहास रच दिया है। बंगाल में उसे पहली बार सत्ता मिली है तो वहीं असम में पहले से ज्यादा बड़ी जीत के साथ भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता मिलेगी। ऐसा पहली बार होगा, जब भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता मिलने वाली है। यही नहीं इस चुनाव में केरल में भी कई रिकॉर्ड बने हैं। एक रिकॉर्ड यह भी है कि मुस्लिम लीग की कोई महिला कैंडिडेट पहली बार विधानसभा में पहुंचेगी। कोझोकोड की पेरंबरा सीट से फातिमा थालिया को जीत मिली है।

इसके अलावा केरल में कांग्रेस ने भी रिकॉर्ड बनाया है। असम में बुरी हार झेलने वाली कांग्रेस का बंगाल में खाता तक नहीं खुला है। लेकिन केरल से उसके लिए राहत वाली खबर आई है। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ 101 सीटों पर आगे चल रहा है। ऐसा पहली बार है, जब केरल में यूडीएफ ने 100 का आंकड़ा पार किया है। इस बीच कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस की जीत पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि केरल में ऐंटी-इनकम्बैंसी थी और इसका वोट कांग्रेस को मिला है। उन्होंने कहा कि जनता में पिनराई विजयन सरकार के कामकाज के प्रति गुस्सा था और हमने उसे भुनाने में सफलता हासिल की है।

केसी वेणुगोपाल बोले- हमने उठाया ऐंटी-इनकम्बैंसी का फायदा
केसी वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि केरल में इन नतीजों का क्रेडिट राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा और पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को जाता है। बता दें कि केरल की वायनाड सीट से ही प्रियंका वाड्रा सांसद हैं। इसके अलावा राहुल गांधी भी पहले यहीं से सांसद थे। इस बार उन्होंने दो सीटों से चुनाव लड़ा था। रायबरेली और वायनाड दोनों जगहों से वह जीते थे। अंत में उन्होंने वायनाड से इस्तीफा दे दिया था और उसके स्थान पर प्रियंका वाड्रा ने उपचुनाव लड़ा था।

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