राजस्थान
राजस्थान में एलपीजी के कमर्शियल सिलेंडरों के वितरण को लेकर सरकार ने नई नीति तय कर दी है। इसमें शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को 100 प्रतिशत, होटल-रेस्तरां व डेयरियों को 60 प्रतिशत एलपीजी उपलब्ध कराई जाएगी।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने राज्य में व्यवसायिक एलपीजी गैस के आवंटन के लिए नई वितरण नीति जारी की है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण रुकी आपूर्ति को अब चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जा रहा है और यह पहले की स्थिति के लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।जानिए किसे कितनी प्राथमिकता मिलेगी
प्रवासी श्रमिकों और फूड कार्ट्स को छोटे सिलेंडर
वहीं प्रवासी श्रमिकों और फूड कार्ट्स को जरूरत के अनुसार छोटे सिलेंडर दिए जाएंगे।नीति के अनुसार व्यवसायिक उपभोक्ताओं को एलपीजी प्राप्त करने के लिए संबंधित ऑयल गैस कंपनी के वितरक के साथ पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण गैस नहीं मिलेगी। जिन क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा।
पंजीकरण बिना नहीं मिलेगा सिलेंडर
नीति के अनुसार व्यवसायिक उपभोक्ताओं को एलपीजी प्राप्त करने के लिए संबंधित ऑयल गैस कंपनी के वितरक के साथ पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण गैस नहीं मिलेगी। जिन क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा।
आवंटन पिछले एक साल की औसत खपत के आधार पर
एलपीजी आवंटन अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक की औसत खपत के आधार पर तय किया जाएगा। साथ ही, जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समितियां स्थानीय जरूरत के अनुसार अतिरिक्त आवंटन का निर्णय ले सकेंगी।खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि नई नीति से वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी तथा प्रभावित उद्योग-धंधों को राहत मिलेगी।

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