पटना
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। पार्टी ने बांका से सांसद गिरधारी यादव के खिलाफ कथित दल-विरोधी गतिविधियों को लेकर लोकसभा अध्यक्ष को अयोग्यता का नोटिस सौंपा है। बताया जा रहा है कि लोकसभा में जदयू के नेता दिलेश्वर कामत ने स्पीकर को पत्र लिखकर गिरधारी यादव की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। आरोप है कि उन्होंने पार्टी लाइन के खिलाफ गतिविधियां की हैं। चुनाव के वक्त पार्टी विरोधि गतिविधियों में शामिल रहे।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरधारी यादव ने कहा कि जब मुझसे लोकसभा अध्यक्ष द्वारा इस संबंध में पूछा जाएगा, तब मैं अपना जवाब दूंगा। मुझे नहीं पता कि दिलेश्वर कामत ने क्या कहा है। मेरे खिलाफ किसी भी तरह की दल-विरोधी गतिविधि का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
दरअसल, विधानसभा चुनाव के वक्त गिरधारी यादव का बेटा चाणक्य प्रकाश राजद में शामिल हो गए। उन्होंने बेलहर सीट से जदयू प्रत्याशी और विधायक मनोज यादव के खिलाफ चुनाव लड़ा। इसमें चाणक्य की हार हुई थी। इसके बाद से ही गिरधारी यादव पर सवाल उठने लगे थे।
ललन बोले- यह फैसला हमने नहीं लिया
इस विवाद पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा कि यह फैसला हमने नहीं लिया है। यह निर्णय उन लोगों की ओर से लिया गया है, जिन्होंने अपने बेटे को विधानसभा चुनाव में आरजेडी के टिकट पर उतारा और खुद उसके लिए प्रचार भी किया। इसी आधार पर हमारे संसदीय नेता दिलेश्वर कामैत ने आवेदन दिया है। अब इस पर अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष को लेना है।
राजद सांसद ने उठाया सवाल
राजद सांसद मीसा भारती ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गिरधारी यादव जदयू के सांसद हैं। अगर उनके बेटे ने चुनाव लड़ा है, तो वह वयस्क है और अपने फैसले खुद ले सकता है। ऐसे में इस आधार पर कार्रवाई करना सही नहीं है। अब देखना होगा कि आगे क्या निर्णय लिया जाता है।

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