चंडीगढ़
गैंगस्टर-विरोधी महत्वपूर्ण मुहिमों की निगरानी से लेकर समुदाय-केंद्रित पहलों का नेतृत्व करने तक, पंजाब पुलिस की महिला अधिकारी न केवल आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त कर रही हैं बल्कि पुलिस के भीतर नेतृत्व की नयी परिभाषा गढ़ रही हैं। नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति ने पंजाब पुलिस को देश की सबसे प्रगतिशील कानून प्रवर्तन एजेंसियों में से एक बना दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि महिला अधिकारी वर्तमान में 'गैंगस्ट्रां ते वार' और 'ऑपरेशन प्रहार' जैसे प्रमुख अभियानों की निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि ये अधिकारी न केवल राज्य को अपराध से बचा रही हैं बल्कि युवा महिलाओं की एक नई पीढ़ी को कानून प्रवर्तन में करियर बनाने के लिए प्रेरित भी कर रही हैं। वर्तमान में पुलिस के विशेष महानिदेशक (एसडीजीपी) से लेकर पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) तक विभिन्न पदों पर 79 महिला अधिकारी तैनात हैं।
पंजाब पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक पंजाब पुलिस में चार एसडीजीपी, एक अपर डीजीपी (पुलिस महानिदेशक), दो पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), दो उप आईजी, 18 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/सहायक आईजी, 23 पुलिस अधीक्षक (एसपी), एक सहायक एसपी तथा 28 उप एसपी शामिल हैं। इन 79 अधिकारियों में से पांच अधिकारी फील्ड ड्यूटी पर तैनात हैं, जिसके तहत उन्हें 'गैंगस्ट्रां ते वार' सहित विभिन्न अभियानों की निगरानी और उनमें भागीदारी करनी होती है। बयान में कहा गया है कि ये अधिकारी अपराध से निपटने के लिए लगन से काम करते हैं, वहीं उनके परिवार और टीम के सदस्य उनके योगदान पर गर्व करते हैं।
मजबूत शैक्षणिक और प्रशिक्षण योग्यताओं के साथ पुलिस में शामिल होने वाली महिला अधिकारियों ने परिचालन और प्रशासनिक भूमिकाओं में सक्षम नेताओं के रूप में खुद को जल्दी ही स्थापित कर लिया है। फरीदकोट की एसएसपी प्रज्ञा जैन ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक पुलिसिंग की पहचान योग्यता और समन्वय से होती है, न कि लैंगिक पहचान से। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि महिला अधिकारी हर स्तर पर अपना योगदान दे रही हैं।
फरीदकोट रेंज की पुलिस महानिरीक्षक, नीलम्बरी जगदाले ने इस बात पर जोर दिया कि 'गैंगस्ट्रां ते वार' अभियान आपराधिक तंत्र को जड़ से खत्म करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि गुंडागर्दी, मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के दृढ़ संकल्प के साथ पुलिस की टीम राज्य भर में माफियाओं, उनके सहयोगियों, उनके रिश्तेदारों, असामाजिक तत्वों, मादक पदार्थों के तस्करों और संगठित आपराधिक समूहों के खिलाफ लगातार लक्षित और कड़ी कार्रवाई कर रही हैं।

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