July 7, 2026

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राम मंदिर मामला : SIT रिपोर्ट में खुलासा, कपड़ों-जूतों में छिपाते थे नोट; चांदी की ईंटें और आभूषण सुरक्षित

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने 27 अप्रैल से 5 जून के बीच के सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जांच की है. जांच में सामने आया कि गिनती कक्ष के भीतर कर्मचारी कई मौकों पर नोटों की गड्डियां और खुली नकदी अपने कपड़ों, जेबों और यहां तक कि जूतों में छिपा रहे थे. रिपोर्ट में ऐसी करीब 70 संदिग्ध घटनाओं का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है. एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में ट्रस्ट की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

जांच में सामने आई मुख्य कमियां
तलाशी का अभाव: गिनती कक्ष में आने-जाने वाले कर्मचारियों की कोई शारीरिक तलाशी नहीं ली जाती थी.

निजी सामान पर नियंत्रण नहीं : कर्मचारियों के निजी सामान को कक्ष के भीतर ले जाने पर कोई कड़ा प्रतिबंध या नियंत्रण नहीं था. कई दानपात्रों की नकदी को एक साथ मिलाकर गिना जाता था, जिससे पारदर्शिता खत्म हो गई. मूल्यवान चढ़ावे के दस्तावेजीकरण और सत्यापन में भारी लापरवाही पाई गई.

6 आरोपियों की पहचान, 78.94 लाख बरामद
एसआईटी ने इस पूरे कथित गबन मामले में प्रथम दृष्टया संलिप्तता पाते हुए 6 मुख्य आरोपियों के नामों का खुलासा किया है. जिनमें अविनाश शुक्ला, अनुकूल मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, राम शंकर मिश्रा शामिल हैं.

अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार
अब तक कुल 8 लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. जांच शुरू होने से ठीक पहले कुछ कर्मचारियों के पास से लगभग 78.94 लाख रुपये बरामद किए गए थे. इसके अलावा, 4 जून को भी गिनती कक्ष से लगभग 2.25 लाख रुपये बरामद हुए. एसआईटी के अनुसार, आरोपियों के बैंक खातों में उनकी घोषित आय से कहीं अधिक नकद लेनदेन पाया गया है, जिसकी विस्तृत वित्तीय जांच की जा रही है.

विवाद के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा
इस बड़े विवाद और एसआईटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद सोमवार को हुई ट्रस्ट की बैठक में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है. ट्रस्ट ने अपने महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं. उनकी जगह अब कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है.

चांदी की ईंटें और आभूषण गायब होने की बात ‘निराधार’
एसआईटी ने सोशल मीडिया पर चल रही उन अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें चांदी की ईंटें और आभूषण गायब होने के दावे किए जा रहे थे. प्रारंभिक जांच में इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि आभूषण और मूल्यवान वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं. उन्होंने मीडिया के सामने इन आभूषणों को प्रदर्शित भी किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक प्रारंभिक रिपोर्ट है और एसआईटी की जांच अभी जारी रहेगी. बता दें कि 13 जून को गठित की गई एसआईटी के कार्यकाल को उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 जुलाई को 15 दिनों के लिए और बढ़ा दिया था। अब विस्तृत जांच के बाद आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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