July 17, 2026

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राम मंदिर मामला : सोमवार को SC में SIT की अंतरिम रिपोर्ट, फाइनल रिपोर्ट के लिए मांगा और समय

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी अंतरिम रिपोर्ट दाखिल कर सकती है. सूत्रों के मुताबिक, जांच अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए एसआईटी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से अतिरिक्त समय मांगने की तैयारी में है. अंतरिम रिपोर्ट में अब तक की जांच की प्रगति और जुटाए गए सबूतों और प्रमाणों का ब्योरा दिया जा सकता है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था. जांच पूरी करने के लिए दल को शुरुआत में 15 दिन का समय दिया गया था हालांकि बाद में एक जुलाई को इसका कार्यकाल 15 दिन के लिए बढ़ा दिया गया था.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट को बेहद अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि रिपोर्ट में की गई सिफारिशों के आधार पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर के प्रबंधन, दान की गणना और चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र में बड़े सुधारों पर फैसला ले सकता है. ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को अयोध्या में प्रस्तावित है, जिसमें इस मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना है.

प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद हुई बड़ी कार्रवाई
एसआईटी ने 23 जून को उत्तर प्रदेश सरकार को नौ पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी. इसके बाद मामले में कई अहम कदम उठाए गए, जिनमें एफआईआर दर्ज होना, मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और मंदिर ट्रस्ट के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे शामिल हैं. ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने कहा था कि वह एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ेंगे. उन्होंने यह सवाल भी उठाया था कि एसआईटी की गोपनीय प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक कैसे हुई?

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच
सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई को मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग वाली याचिकाओं पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था. साथ ही एसआईटी को जांच की स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था. प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने एसआईटी से स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की थी.

तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही जांच
मामले की जांच तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही है, जिसमें लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन शामिल हैं. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज ने 14 जुलाई को पुणे में कहा था कि उन्हें एसआईटी की जांच और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी, दोनों पर पूरा भरोसा है. उन्होंने साफ किया था कि ट्रस्ट जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि एसआईटी की जांच पूरी होने तक ट्रस्ट इस मामले पर कोई श्वेत पत्र जारी नहीं करेगा.

अब तक क्या-क्या हुआ?
इस मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. मंदिर ट्रस्ट के दो पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया है, जबकि मंदिर के चढ़ावे से कथित तौर पर निकाली गई नकदी भी बरामद की जा चुकी है. अब सभी की नजर एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई और प्रशासनिक सुधारों की दिशा तय हो सकती है.

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