साथियों जैसा कि शीर्षक है, यह बिल्कुल सही लिखा गया है। क्योंकि, यदि जिंदगी में हम हंसते रहते हैं तो जीवन स्वस्थ रहता है। प्रतिवर्ष मई माह के पहले सप्ताह में पूरे विश्व में हास्य दिवस मनाया जाता है और स्वस्थ रहने का संदेश भी दिया जाता है। इस बार विश्व हास्य दिवस 3 मई को मनाया गया है। अब दुनियाभर के वैज्ञानिक इस बात को जान गए हैं कि यदि व्यक्ति दिनभर हंसते हुए गुजारता है तो वह बिना हंसने वाले लोगों की अपेक्षा अधिक स्वस्थ रहता है। इसीलिए आज हमारे डॉक्टर भी अपने मरीज को अधिक हंसने और खुश रहने की सलाह देते हैं।
पहले एक सुंदर नौजवान या नवयौवना की हंसी सबसे, आकर्षक व खूबसूरत मानी जाती थी। पर पिछले कई वर्षों से हास्य योग के माध्यम से हंसना हंसाना विश्व में फैल गया और इसका श्रेय भी इंदौर को ही जाता है, जब सन् 2015 में हमारे मनपसंंद हास्य योग क्लब द्वारा हास्य योग में गिनिस बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर इंदौर का नाम रोशन किया, जो आज भी बरकरार है।
हंसते रहने से ही हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है और जब एक व्यक्ति हंसता है, पूरा शरीर तनाव मुक्त होकर आराम में पहुंच जाता है। इसलिए कहते की दिन में जब मौका मिले तो ठहाके जरुर लगाएं और जीवनशैली को सुधारने और कार्यशीलता को गति प्रदान करें। अब तो मेडिकल साइंस भी इस बात को स्वीकार करता है कि Laughter is best medicine. हंसने से चेहरे की मांसपेशियों को हर दिन मजबूती मिलती हैं और दिमाग हमेशा तरोताजा ताजा रहता है।
पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में पाया गया कि एक सच्ची मुस्कान मित्रता, विश्वसनीय और आकर्षक की धारणाओं को बढ़ा सकती है। ऐसा इसलिए है क्यूंकि मुस्कुराहट मस्तिष्क के उसे क्षेत्र को सक्रिय करती है, जो इनाम से जुड़ा होता है, जिसमें हमें किसी से को मुस्कुराते हुए देखने पर खुशी महसूस होती है, चाहे आप किसी से भी एक बार मिल रहे हो और सामने वाला हंसते हुए मिलता है तो उसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। साथ ही वो संबंध मधुर हो जाते हैं। इसलिए हंसी की शक्ति को कम ना आंकें, यह सब कुछ बदल सकती है। मुस्कान सिर्फ चेहरे के भाव में से कहीं ज्यादा खुशी देती है। हंसना सबसे सार्वभौमिक मानवीय अभिव्यक्तियों में से एक है, जिसे ईश्वर ने सिर्फ इंसान को ही दिया है। हंसने से ही हमारे शरीर के सकारात्मक हार्मोन्स सक्रिय होते हैं और दिनभर हमें तरोताजा रखते हैं और कार्य उर्जा को बढ़ाते हैं।
हंसी बिना बोले ही खुशी, प्रसन्नता और गर्मजोशी का संचार कर सकती है। लेकिन क्या आप जानते हैं किसी व्यक्ति की मुस्कान का दूसरे पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी पड़ता है, यदि वह गुस्से में हो शीघ्र ही शांत हो जाता है। इसलिए हर दिन हर जगह कुछ समय हास्य योग के लिए अवश्य निकालें और तनाव को दूर भगाएं।
और अंत में मैं यही कहूंगा।
कि हंसते रहे, स्वस्थ रहें और मस्त रहें।
जनार्दन शर्मा
(लेखक लाफ्टर एम्बेसडर हैं और इस विषय में गिनिस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर भी हैं।)

Related Posts
तेज चलने से बढ़ सकती है उम्र: लीसेस्टर स्टडी में बड़ा खुलासा
गर्मियों में ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान उपाय
गर्मी में राहत देगा प्याज का ठंडा रायता, 5 मिनट में बनकर होगा तैयार