May 14, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

गोमती, नीम, काली नदी समेत कई छोटी नदियों का पुनरुद्धार शुरू

लखनऊ

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 'एक जिला-एक उत्पाद' की वैश्विक सफलता के बाद अब 'एक जिला-एक नदी' अभियान के जरिए जल संरक्षण और पर्यावरण पुनरुद्धार की नई इबारत लिख रही है। इसके जरिए नदियों को साफ करने, विलुप्त हो चुकी जलधाराओं को पुनर्जीवित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी तंत्र में सकारातमक बदलाव लाने का काम किया जा रहा है।

स्वच्छ गंगा मिशन के तहत नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने कई विभागों के साथ मिलकर प्रदेशभर में छोटी नदियों के पुनरुद्धार के लिए परिवर्तनकारी पहल की है। पीलीभीत में 16 ग्राम पंचायतों में फैली 47 किलोमीटर के क्षेत्र में गोमती नदी का पुनरुद्धार किया गया। कई जगहों पर नहर को चौड़ा व गहरा किया गया। साथ ही 23 तालाबों का जीर्णोद्धार करने और घाटों के निर्माण के माध्यम से नदी ने अपना निरंतर प्रवाह फिर से प्राप्त कर लिया है। इससे 1,53,000 से अधिक मानव-दिवस का रोजगार सृजित हुआ, जबकि 500 से अधिक किसानों ने प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाया। घाटों पर शाम की आरती और योग सत्रों ने गोमती को एक पवित्र और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में पुनः स्थापित किया है।

बुलंदशहर में ‘वीबी-जी राम जी’ के जरिए 29 किलोमीटर में नीम नदी का पुनरुद्धार किया गया। इसमें किसानों ने भी स्वेच्छा से सहयोग किया। इस पहल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में सराहना भी की थी। इसके साथ ही कारवान नदी और काली नदी का भी पुनरुद्धार किया गया, जहां दर्जनों ग्राम पंचायतों में गाद निकालने, पौधरोपण और सामुदायिक भागीदारी से घाटों पर सिंचाई, जैव विविधता और सांस्कृतिक प्रथाओं को बहाल किया गया।

इसी तरह छोटे-छोटे नालों में बदल चुकी संभल की सोत नदी को जनभागीदारी से जीवनदान दिया गया। रामपुर में रेवती, नाहल और नीली, तीन मौसमी धाराओं को पुनर्जीवित किया गया। यहां नहरों की सफाई, रिचार्ज पिट (वर्षा जल संचयन), फिल्टर कक्ष और पौधरोपण से बड़ा बदलाव आया।

पूरे प्रदेश में दिखेंगे बेहतर परिणाम

राज्य स्वच्छ गंगा मिशन परियोजना निदेशक जोगिन्द्र सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में छोटी नदियों के जीर्णोद्धार से शानदार परिणाम सामने आए हैं। ये नदियां जो कभी लगभग विलुप्त हो चुकी थीं, अपने वास्तविक रूप में लौट रही हैं। इससे बाढ़ नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। साथ ही सिंचाई के लिए जिलों में बेहतर जल धाराएं उपलब्ध हुई हैं।

इन छोटी नदियों और जल संसाधनों को पुनर्जीवित एवं संरक्षित करने के लिए प्रशासनिक विभागों के साथ ‘वीबी-जी राम जी’ को भी जोड़ा गया। इससे रोजगार सृजन से ग्रामीण आजीविका मजबूत हुई। इन जलस्रोतों के जरिए किसानों को आस-पास के क्षेत्र में प्राकृतिक खेती करने में भी मदद मिल रही है। नदियों के पुनरुद्धार के साथ घाटों पर सांस्कृतिक परंपराओं का भी पुनर्जीवन हो रहा है। लगभग सभी जगहों पर अब दैनिक आरती और योग सत्र भी हो रहे हैं। सीएम योगी के विजन 'एक जिला-एक नदी कार्यक्रम' के बेहतरीन परिणाम जल्द ही पूरे उत्तर प्रदेश में देखने को मिलेंगे।

Spread the love