नई दिल्ली
भारतीय शतरंज खिलाड़ी आर वैशाली ने बुधवार को इतिहास रच दिया। उन्होंने साइप्रस में आयोजित फिडे महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 जीतकर यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बनने का गौरव प्राप्त किया। इस जीत के साथ वैशाली को अब चीन की मौजूदा विश्व चैंपियन जू वेनजुन के खिलाफ महिला विश्व चैंपियनशिप मुकाबला खेलने का मौका मिलेगा। भारत के दिग्गज शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अब भारत के पास ओपन और महिला, दोनों विश्व खिताब मुकाबलों में प्रतिनिधित्व होगा। गौरतलब है कि डी गुकेश पहले ही ओपन वर्ल्ड चैंपियन हैं।
अंतिम राउंड में दबाव में शानदार प्रदर्शन
आखिरी राउंड में वैशाली को जीत के साथ-साथ अन्य मुकाबलों के नतीजों पर भी निर्भर रहना था। दिव्या देशमुख ने बिबिसारा अस्साउबायेवा को ड्रॉ पर रोककर वैशाली के लिए रास्ता आसान किया। इसके बाद वैशाली ने सफेद मोहरों से खेलते हुए कैटेरीना लाग्नो को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया।
पूरे टूर्नामेंट में दिखी शानदार निरंतरता
वैशाली ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने तान झोंगयी और अलेक्जेंड्रा गोर्याचकिना जैसी मजबूत खिलाड़ियों को हराया, जबकि अन्ना मुज़ीचुक के खिलाफ महत्वपूर्ण ड्रॉ हासिल किया। हालांकि उन्हें झू जिनर के खिलाफ दो हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए अपने अभियान को पटरी पर बनाए रखा।
अब विश्व खिताब पर नजर
अब वैशाली का सामना जू वेनजुन से होगा, जो पांच बार की विश्व चैंपियन हैं। यह मुकाबला इस साल के अंत में खेला जाएगा और इसमें लगभग ₹2.7 करोड़ की इनामी राशि दांव पर होगी। कैंडिडेट्स जीतने के बाद वैशाली ने लगभग ₹25 लाख की राशि सुनिश्चित कर ली है। यह जीत भारतीय शतरंज के लिए एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है।

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