Viral News: भारतीय युवक का एक वीडियो कंटेंट क्रिएटर जगदीश चावला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। वीडियो में अभिषेक ने बताया कि वह करीब 7-8 महीने पहले दुबई आए थे और फिलहाल वहां कूड़ा उठाने के काम से जुड़े हुए हैं।
दुबई में कूड़ा उठाने का काम कर रहे एक भारतीय युवक का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने विदेश में काम करने वाले भारतीयों की जिंदगी, उनकी कमाई और वहां की असल चुनौतियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जहां कुछ लोग इस युवक की मेहनत और जज्बे की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कई लोग उसकी सैलरी को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
वीडियो कंटेंट क्रिएटर जगदीश चावला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। वीडियों में अभिषेक ने बताया कि वह करीब 7-8 महीने पहले दुबई आए थे और फिलहाल वहां कूड़ा उठाने के काम से जुड़े हुए हैं। उन्हें यह नौकरी उनके भाई के जरिए मिली, जो पहले से उसी कंपनी में काम कर रहे थे। दुबई आने से पहले अभिषेक भारत में पढ़ाई कर रहे थे।
रोज 12 घंटे नौकरी करते हैं अभिषेक
वीडियो में अभिषेक ने अपनी नौकरी और रोजमर्रा की जिंदगी के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि इस सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों को आमतौर पर रोजाना 11 से 12 घंटे तक काम करना पड़ता है। इस फील्ड में एवरेज सैलरी करीब 2,000 दिरहम (AED) तक मिलती है, जबकि उन्हें फिलहाल 1,800 से 1,900 दिरहम के बीच सैलरी मिल रही है। कंपनी रहने की सुविधा देती है, लेकिन खाने-पीने का खर्च कर्मचारियों को खुद उठाना पड़ता है।
अभिषेक रोजाना करीब 12 घंटे रोज काम करते हैं और महीने में करीब 49,000 रुपये की कमाई कर लेते हैं। हालांकि काम काफी मेहनत वाला है, लेकिन वीडियो में अभिषेक खुश नजर आते हैं और अपने काम को लेकर पॉजिटिव सोच रखते हैं।
जब उनसे कोई मैसेज देने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि मेहनत करते रहो और आगे बढ़ते रहो, चाहे कितनी भी मुश्किलें क्यों न आए।
सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इस पर अलग-अलग रिएक्शन दे रहे हैं। कई लोगों ने अभिषेक की मेहनत और हिम्मत की तारीफ की। वहीं कुछ लोगों का कहना था कि 12 घंटे की नौकरी के हिसाब से यह सैलरी काफी कम है।
एक यूजर ने लिखा, ’12 घंटे काम करने के बाद यह सैलरी बहुत कम है।’ एक दूसरे यूजर ने कहा, सिर्फ कमाई बताने से पूरी तस्वीर साफ नहीं होती। यह भी बताना चाहिए कि खर्चों के बाद उनके पास कितना पैसा बचता है।
एक अन्य यूजर ने लिखा, यह आज की हकीकत है। लोग अभी भी कम वेतन में कठिन मेहनत कर रहे हैं। सिर्फ समय पर सैलरी मिलना काफी नहीं है, मेहनत के हिसाब से पैसा मिलना भी जरूरी है।
वीडियो लिंक-
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