भोपाल। कभी भोपाल की गलियों में रहते हुए वह महिला रेसलर के रूप में प्रदेश का नाम रौशन कर चुकी हैं तो कभी शानदार ड्राइविंग के मार्फत लोगों को दांतों तले उंगलियां दबाने पर कर देती हैं। प्रदेश की व्यवसायिक राजधानी इंदौर में इंसाफ दिलाने के लिए झंडा उठाया तो भी मन में इसको पैसा कमाने का कारोबार नहीं, बल्कि अवाम की खिदमत का जज्बा ही पनपा था। अदालत की बारीकियों में उन्हें न्याय दिलाने वाले लोगों की बेहतरी का ख्याल आया तो वे चुनाव मैदान में आकर खुद को साबित कर रही हैं।
बार एसोसिएशन में भाग्य आजमा रही नूरजहां
वैसे तो सामाजिक गतिविधियों ने उन्हें लंबे समय से अदालत की चौखट से जोड़ रखा था। कभी भोपाल तो कभी उच्च न्यायालय जबलपुर से उनकी आवाजाही बनी रही। वर्ष 2017 में नूरजहां ने वकालत को अपना पेशा बनाया और भोपाल की मायके की गलियां छोड़कर इन्दौर को अपनी कर्म स्थली बनाया। सच पर स्थिर रहना और सच के लिए हर स्तर तक लड़ जाना अधिवक्ता नूरजहां खान की खासियतों में शामिल है। इंदौर अभिभाषक संघ एवं इंदौर हाईकोर्ट की सदस्य नूरजहां ने अपनी बात को और अधिक मजबूती देने के लिए स्टेट बार कौंसिल ऑफ़ मध्यप्रदेश के चुनाव में अपना भाग्य आजमाने का ऐलान किया है। 12 मई होने वाले इस चुनाव में वे सीरियल क्रमांक 62 पर है लोगों से समर्थन मांग रही हैं।
नूरजहां का मानना है कि वकालत के पेशे में जूनियरों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिससे वे वकालत से हटकर नौकरी की तलाश करने लगते हैं। वे कहती हैं कि सीनियर अधिवक्ताओं के आगे भी समस्याओं की बाधाओं की कमी नहीं है। नूरजहां खान का कहना है कि यदि वे स्टेट बार काउंसिल की सदस्य चुनी जाती हैं तो उनके लिए अधिवक्ता हित सर्वोपरि रहेगा। उनका मानना है कि बातों या झूठे वादों का कोई मोल नहीं है, बल्कि वे अपने मजबूत इरादों से वह सब करके दिखाएंगी, जो कानून और इंसाफ के पुजारियों के लिए आवश्यक है।

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