August 8, 2026

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कतर के गैस प्लांट में विस्फोट से गई 12 भारतीयों की जान, भारतीय दूतावास ने जताई संवेदना

कतर के रस लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित एक गैस प्लांट में हुए भीषण विस्फोट में 13 लोगों की जान चली गई। मृतकों में 12 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इस हादसे में 66 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई भारतीय भी शामिल हैं। कतर और भारत के अधिकारियों ने सोमवार को इसकी पुष्टि की।

भारतीय दूतावास ने दोहा में जारी बयान में कहा कि कतर प्रशासन ने 12 भारतीयों के निधन की पुष्टि की है। दूतावास प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और मृतकों के पार्थिव शरीर जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया में सहयोग कर रहा है।

भारतीय दूतावास के अनुसार, हादसे में घायल हुए सभी लोगों का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई गई है। घायलों में भारत के अलावा कतर, पाकिस्तान, बांग्लादेश, केन्या, घाना, तंजानिया, नाइजीरिया और नेपाल के नागरिक भी शामिल हैं।

कतर के गृह मंत्रालय ने बताया कि यह दुर्घटना संचालन के दौरान आई तकनीकी खराबी के कारण हुई। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों और आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और घटनास्थल पर खोज एवं राहत अभियान पूरा कर लिया गया है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि विस्फोट के बाद किसी प्रकार की गैस रिसाव की स्थिति नहीं बनी और आसपास के क्षेत्र या पर्यावरण के लिए कोई खतरा नहीं है।

दो दिन पहले ही दोबारा शुरू हुआ था संयंत्र
कतरएनर्जी एलएनजी द्वारा संचालित बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में यह हादसा रविवार शाम उस समय हुआ जब संयंत्र में संचालन दोबारा शुरू किया जा रहा था। कंपनी के अनुसार, संयंत्र को दिसंबर 2025 से जरूरी रखरखाव कार्यों के कारण बंद रखा गया था और घटना से महज दो दिन पहले ही इसे फिर से चालू किया गया था।

विस्फोट के बाद लगी आग पर आपातकालीन दलों और सिविल डिफेंस ने तेजी से काबू पा लिया। फिलहाल आसपास की इकाइयों और संयंत्र को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

जांच जारी, ऊर्जा निर्यात पर असर नहीं
कतरएनर्जी ने कहा है कि हादसे के कारण उसकी एलएनजी उत्पादन सुविधाओं, रस लाफान बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स संचालन या ऊर्जा निर्यात गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ा है। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

भारतीय दूतावास ने जताई संवेदना
भारतीय दूतावास ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा भारतीय समुदाय कतर सरकार और वहां के लोगों के साथ खड़ा है। दूतावास ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और लापता लोगों की सुरक्षित वापसी की कामना भी की है।

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