April 3, 2026

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सोलर इंस्टॉलेशन में उत्तर प्रदेश की बड़ी छलांग, 2025-26 में रिकॉर्ड 3.47 लाख संयंत्र स्थापित

सोलर इंस्टॉलेशन में उत्तर प्रदेश की बड़ी छलांग, 2025-26 में रिकॉर्ड 3.47 लाख संयंत्र स्थापित

मार्च में सर्वाधिक 52,729 इंस्टॉलेशन, कुल क्षमता 1161 मेगावाट के पार

अप्रैल से मार्च तक इंस्टालेशन में हुई लगातार बढ़ोतरी, अंतिम तिमाही में जबरदस्त उछाल

ग्रीन एनर्जी की ओर तेजी से बढ़ता प्रदेश, कुल क्षमता 1524 मेगावाट से अधिक

लखनऊ
उत्तर प्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए रिकॉर्ड 3,47,729 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए हैं। इस दौरान राज्य की कुल स्थापित क्षमता 1161.756 मेगावाट तक पहुंच गई, जो प्रदेश की ग्रीन एनर्जी की दिशा में तेजी को दर्शाता है।

   माहवार आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष की शुरुआत अप्रैल 2025 में 15,836 इंस्टॉलेशन से हुए थे, जो मई और जून में बढ़कर क्रमशः 18,509 और 18,494 तक पहुंच गए। जुलाई से इस रफ्तार में बड़ी उछाल देखने को मिली, जहां 29,850 संयंत्र स्थापित हुए और क्षमता 100 मेगावाट के पार पहुंच गई। अगस्त और सितंबर में भी यह गति बरकरार रही, जबकि अक्टूबर में थोड़ी गिरावट के बाद नवंबर और दिसंबर में फिर से तेजी आई। नवंबर में 30,894 और दिसंबर में 31,164 इंस्टॉलेशन दर्ज किए गए।

    वास्तविक तेजी वर्ष के अंतिम तीन महीनों में देखने को मिली। जनवरी 2026 में 33,314, फरवरी में 35,804 और मार्च में रिकॉर्ड 52,729 संयंत्र स्थापित किए गए, जो पूरे वर्ष का सर्वाधिक आंकड़ा रहा। केवल मार्च माह में ही 173.84 मेगावाट क्षमता जोड़ी गई, जो किसी एक माह में अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है। 

  यूपीनेडा के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि अंतिम तिमाही में आई यह तेजी सरकार की प्रभावी नीतियों, सब्सिडी योजनाओं और जमीनी स्तर पर मजबूत क्रियान्वयन का परिणाम है। इससे न केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ा है, बल्कि उपभोक्ताओं को सस्ती और स्वच्छ बिजली भी उपलब्ध हो रही है।

   इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश में सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में तेजी से उभर रहा है। उत्तर प्रदेश पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में नंबर वन राज्य बन गया है। कुल मिलकर उत्तर प्रदेश में कुल 4,48,233 सोलर रूफटॉप इंस्टॉल किए जा चुके हैं, जिससे रोजाना 1524  मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। लगातार बढ़ती इंस्टॉलेशन दर यह संकेत देती है कि आने वाले समय में प्रदेश ग्रीन एनर्जी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को और तेजी से हासिल करेगा।

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