बाड़मेर
राजस्थान के बालोतरा (पचपदरा) में अग्निकांड के बाद खुशखबरी मिली है। देश की महत्वाकांक्षी परियोजना एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) में फिर से जल्द ही सुचारू होगी। हाल ही में हुई अग्नि दुर्घटना को लेकर कंपनी ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। रिफाइनरी के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से, क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में लगी आग के बाद अब मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। कंपनी का लक्ष्य है कि मई 2026 के अंत तक यूनिट को दोबारा चालू कर उत्पादन शुरू कर दिया जाए।
जांच में खुलासा: लीकेज बना हादसे की वजह
कंपनी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह आग सीडीयू यूनिट के हीट एक्सचेंजर स्टैक तक ही सीमित रही। दुर्घटना का मुख्य कारण वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर लगे प्रेशर गेज टैपिंग पॉइंट से हाइड्रोकार्बन का रिसाव माना जा रहा है।
राहत की बात यह रही कि सुरक्षा प्रणालियों के सक्रिय होने से आग पूरे प्लांट में नहीं फैली। इस हादसे में कुल छह एक्सचेंजर और उनसे जुड़े सहायक उपकरणों को नुकसान पहुंचा है, जिन्हें अब बदला या दुरुस्त किया जा रहा है।
मई 2026 से मिलेगा स्वदेशी ईंधन
एचआरआरएल प्रबंधन के अनुसार, प्रभावित हिस्सों की मरम्मत का काम अगले 3 से 4 सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। कंपनी की योजना के मुताबिक मई 2026 का दूसरा पखवाड़ा से सीडीयू यूनिट को दोबारा शुरू किया जाएगा। कंपनी ने इसके लिए मई के तीसरे- चौथे सप्ताह की समयसीमा रखी है। इसी महीने के दौरान एलपीजी, पेट्रोल (MS), डीजल (HSD) और नैफ्था जैसे उत्पादों का ट्रायल प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। अन्य सहायक इकाइयां पहले से ही कमीशनिंग के अंतिम चरण में हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से स्थिर किया जाएगा।
राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी में लगी भीषण आग, PM मोदी करने वाले थे उद्घाटन
पढ़िये पदपचरा रिफाइनरी अग्निकांड से जुड़ी प्रमुख बातें
कंपनी की प्रारम्भिक जांच के अनुसार आग लगने की मुख्य वजह हाइड्रोकार्बन का रिसाव था।
यह रिसाव वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर लगे एक प्रेशर गेज टैपिंग पॉइंट से हुआ था।
पदपचरा रिफाइनरी 80,000 करोड़ रुपये की विशाल परियोजना है, जिसकी ल क्षमता 9 मिलियन टन प्रति वर्ष है।

Related Posts
IRCTC की नई वेबसाइट होगी लांच, कैप्चा और स्लो स्पीड की समस्या से मिलेगा छुटकारा
Air India AI171 क्रैश की पहली बरसी : मानवीय भूल या तकनीकी खराबी, रहस्य बरकरार
बिहार : CM सम्राट ने PM मोदी के सामने रखा विकास का रोडमैप, मांगी 18 हजार करोड़ की मदद