September 14, 2026

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हरियाणा में नए घरों में EV चार्जिंग अनिवार्य, बिल्डिंग कोड में बड़ा बदलाव तय

चंडीगढ़.

भविष्य में हरियाणा के बड़े शहरों में विकसित होने वाले शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के रखरखाव व चार्जिंग की व्यवस्था करने पर विशेष फोकस होगा। राज्य में आवासीय तथा गैर आवासीय क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जर के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करना अनिवार्य किया जाने वाला है। प्रदेश सरकार इसके लिए हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 में बदलाव करेगी।

हरियाणा के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट ने एक नोटिस जारी कर आम नागरिकों से दावे तथा आपत्तियां मांगी हैं। प्रस्तावित संशोधनों को सरकार से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब इन्हें 30 दिनों के लिए यानी 26 मई तक सार्वजनिक डोमेन में रखा जा रहा है, ताकि संबंधित पक्षों और नागरिकों से इन पर आपत्तियां और सुझाव प्राप्त किए जा सकें। संशोधित नियमों के तहत, सभी नई और मरम्मत की गई गैर-रिहायशी इमारतों जैसे शापिंग कांप्लेक्स, माल, होटल और आफिस स्पेस, जहां कम से कम 10 कारों की पार्किंग की व्यवस्था है, वहां हर तीन पार्किंग स्लाट के लिए कम से कम एक ईवी चार्जिंग स्पाट उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

इमारतों को 100 फीसदी ईवी तैयार बनाया जाए
इसके अलावा, ऐसी इमारतों को 100 प्रतिशत ईवी-तैयार बनाया जाना चाहिए, जिसके लिए चार्जिंग प्वाइंट तक जाने वाली तारों के लिए पाइप पहले से ही लगाई गई होगी। इसी तरह रिहायशी कांप्लेक्स, जिनमें सहकारी आवास समितियां, ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट और आरडब्ल्यूए द्वारा प्रबंधित रिहायशी ब्लाक शामिल हैं और जहां 10 या उससे अधिक कारों की पार्किंग की जगह है, उन्हें हर पांच पार्किंग स्लाट के लिए एक ईवी चार्जिंग स्पाट उपलब्ध कराना होगा। उन्हें पूरी तरह से ईवी-तैयार इन्फ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध कराना होगा। संशोधन में यह स्पष्ट किया गया है कि ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को फ्लोर एरिया रेश्यो गणना से छूट दी जाएगी। इस फैसले से डेवलपर्स और आवास समितियों को नये नियमों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें अतिरिक्त निर्मित क्षेत्र (बिल्ट-अप-एरिया) से जुड़ी पाबंदियों से मुक्ति मिलेगी।

स्पॉट को बेसमेंट और स्टिल्ट फ्लोपर पर भी लगाया जा सके
ड्राफ्ट के अनुसार चार्जिंग स्पॉट को बेसमेंट और स्टिल्ट फ्लोर पर भी लगाया जा सकता है, बशर्ते वे निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करते होंगे। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक अमित खत्री ने लोगों और संबंधित पक्षों से ईमेल के माध्यम से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। ये सुझाव और आपत्तियां संशोधनों की औपचारिक अधिसूचना जारी होने से पहले प्राप्त की जाएंगी।

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