नईदिल्ली। भारत में चीनी की कीमतें GST को छोड़कर 44 से 49 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच स्थिर हो गई हैं। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) का कहना है कि कीमतें ऐसी हैं जिनसे मिलों की लागत निकल आती है और ग्राहकों पर भी बुरा असर नहीं पड़ता। 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितंबर) में देश के अंदर करीब 279 लाख टन चीनी का उत्पादन हो सकता है।
उत्पादन अनुमान के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल
इंडस्ट्री चीनी उत्पादन के अनुमान को लेकर सतर्क है। ISMA फसल का अंतिम अनुमान तय करने से पहले अगले छह हफ्तों की बारिश के डेटा का इंतज़ार कर रही है। ISMA के अध्यक्ष नीरज शिरगांवकर ने कहा कि एसोसिएशन अनुमान की सटीकता को बेहतर बनाने के लिए AI-बेस्ड टेक्नोलॉजी समेत कई तरह के असेसमेंट टूल्स का इस्तेमाल कर रही है। मौजूदा फसल पर अल-नीनो का असर अलग-अलग राज्यों में बारिश के पैटर्न पर निर्भर करेगा, जबकि भविष्य की खेती पर इसके असर को लेकर चिंता बनी हुई है।
अगस्त 2026 तक 278 लाख टन चीनी का उत्पादन
अक्टूबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक देशभर की मिलों द्वारा करीब 277.50 लाख टन चीनी का उत्पादन किया गया जबकि चालू माह (सितंबर) में लगभग 1.50 लाख टन चीनी का अतिरिक्त उत्पादन हो सकता है। अब तक प्रचलित रुख के आधार पर ISMA ने 2025-26 सीजन की सम्पूर्ण अवधि में चीनी का कुल घरेलू उत्पादन 279 लाख टन होने का अनुमान लगाया है।
देश में चीनी की कोई कमी नहीं
नीरज ने कहा कि भारत में चीनी की कोई कमी नहीं है। सप्लाई की स्थिति मूल रूप से मजबूत है। देश के पास त्योहारों की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक और सप्लाई है। कीमतों में हालिया बढ़ोतरी मुख्य रूप से सट्टेबाजी के लिए स्टॉक जमा करने और मौसम से जुड़ी समस्याओं के कारण कम उत्पादन की वजह से हुई ।
नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) ने भी कहा है कि घरेलू सप्लाई पर्याप्त बनी हुई है। 2025-26 सीजन के लिए इसका नेट चीनी उत्पादन का अनुमान 279 लाख टन है। इसमें इथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट किए गए अनुमानित 24 लाख टन शामिल नहीं हैं।
दक्षिण के राज्यों में जारी है पेराई
कर्नाटक और तमिलनाडु में गन्ना क्रशिंग का विशेष सत्र अभी जारी है। इन दोनों दक्षिण राज्यों में जुलाई से सितंबर तक गन्ना की स्पेशल क्रशिंग होती है। देश के अन्य उत्पादक राज्यों में क्रशिंग बहुत पहले बंद हो गई थी जो अक्टूबर से चालू हो सकती है।
ISMA की रिपोर्ट के अनुसार कर्नाटक और तमिलनाडु में फिलहाल करीब 17 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग हो रही है और इसका सिलसिला सितंबर के अंत तक जारी रहने की संभावना है। अक्टूबर से 2026-27 का नया मार्केटिंग सीजन आरंभ हो जाएगा।
घरेलू चीनी का गणित
2024-25 सीजन के दौरान देश में महज 261 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था मगर 79 लाख टन का विशाल पिछला बकाया स्टॉक मौजूद रहने से इसकी कुल उपलब्धता 340 लाख टन के करीब पहुंच गई थी।
2025-26 सीजन के आरंभ में बकाया स्टॉक घटकर 50 लाख टन के आसपास रह गया। 279 लाख टन के अनुमानित उत्पादन के साथ चीनी की कुल उपलब्धता 330 लाख टन के करीब रहने की संभावना है। इसमें से लगभग 8.25 लाख टन चीनी का निर्यात हो गया। चीनी की कुल वार्षिक घरेलू खपत 285 लाख टन के करीब होती है। इसे देखते हुए लगता है कि 2025-26 सीजन के अंत में उद्योग के पास चीनी का कुल पिछला बकाया स्टॉक 35 लाख टन के करीब रह सकता है।

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