May 22, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

बाजार में मिलने वाले घी की शुद्धता पर बढ़ी चिंता, मिलावट से सेहत को खतरा

 भारत में घी सिर्फ एक खाद्य पदार्थ नहीं बल्कि रोजमर्रा की डाइट का अहम हिस्सा है. लेकिन हाल में आई कुछ रिपोर्ट्स में कुछ देसी घी ब्रांड्स में मिलावट सामने आने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है. ऐसे में अक्सर मन में सवाल आता है कि बाजार में मिलने वाला घी कितना शुद्ध है और इसे पहचानने का सही तरीका क्या है? एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुछ ऐसे घरेलू तरीके भी हैं जिससे आप असली और नकली घी में फर्क कर सकते हैं. तो आइए उन तरीकों के बारे में जान लीजिए.

शुद्ध घी की पहचान क्यों जरूरी?
हेल्थलाइन के मुताबिक, मिलावटी या नकली घी में अक्सर वेजिटेबल ऑयल या सस्ते फैट मिलाए जाते हैं जो शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. लंबे समय तक ऐसे घी का सेवन दिल और पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ा सकता है. इसके अलावा शुद्ध घी में हेल्दी फैट के साथ-साथ जरूरी विटामिन भी होते हैं लेकिन मिलावट कर देने पर इनके फायदे कम हो जाते हैं और नुकसान बढ़ जाते हैं.

स्मेल और स्वाद (Smell and Taste)
असली घी की खुशबू हल्की और प्राकृतिक होती है जबकि मिलावटी घी में तेज या अजीब सी गंध आ सकती है. स्वाद भी शुद्ध घी का हल्का मीठा और स्मूद होता है. अगर घी का स्वाद कड़वा या अटपटा लगे तो उसमें मिलावट की संभावना हो सकती है.

हाथ पर पिघल जाता है (It melts on the hand)
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, असली घी की कुछ बूंदें हथेली पर रखकर रगड़ें. शुद्ध घी शरीर की गर्मी से तुरंत पिघल जाता है जबकि मिलावटी घी को पिघलने में समय लगता है या फिर वह चिपचिपा महसूस होता है.

आयोडीन टेस्ट (Iodine Test)
अगर घी में स्टाच या अन्य मिलावट का शक हो तो आयोडीन टेस्ट किया जा सकता है. घी में थोड़ा आयोडीन डालने पर अगर रंग नीला पड़ता है तो उसमें मिलावट मौजूद हो सकती है. यह तरीका घर पर भी आसानी से किया जा सकता है.

जमने के तरीके से भी पहचान (Freezing method)
घी को फ्रिज में रखकर देखें. शुद्ध घी समान रूप से जमता है, जबकि मिलावटी घी अलग-अलग लेयर में या दानेदार तरीके से जम सकता है. यह संकेत देता है कि उसमें अन्य तेल या फैट मिलाए गए हैं.

Spread the love