May 26, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

लद्दाख की 800 एकड़ बंजर जमीन होगी हरी-भरी, इगू-फे नहर से बदलेगी तस्वीर

 स्पितुक 
 उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की देखरेख में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में स्पितुक इलाके की बंजर भूमि को हरा भरा बनाने की दिशा में अभियान ने जोर पकड़ लिया है।

लद्दाख के स्पितुक गांव में लगभग 800 एकड़ बंजर व क्षतिग्रस्त भूमि के पुनर्जीवन के लिए एक महत्वाकांक्षी पारिस्थितिक व भूमि पुनर्स्थापन अभियान छेड़ दिया गया है। यह जानकारी रविवार को उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने दी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य सरल व किफायती फ्रेशवाटर इंजीनियरिंग तकनीक के माध्यम से सदियों से सूखी पड़ी भूमि को फिर से उपजाऊ बनाना है।

इस पहल के तहत हाल ही में पुनर्जीवित किए गए इगू–फे नहर से अतिरिक्त पानी को साधारण मशीनों की मदद से स्पितुक क्षेत्र की बंजर भूमि तक पहुंचाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि निरंतर मीठे पानी के प्रवाह से सूखी मिट्टी में नमी लौटने से नुकसान दायक तत्व बाहर निकल जाएंगे व प्राकृतिक वनस्पति का विकास शुरू हो जाएगा।

4,300 हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई हो रही
इससे धीरे-धीरे यह बंजर इलाका उपजाऊ व नमी-संरक्षित पारिस्थितिकी तंत्र में बदल सकेगा। उपराज्यपाल ने स्पितुक इलाकों का दौरा कर क्षेत्र में हरियाली लाने की दिशा में हो रहे कार्याें के बारे में जानकारी ली।

बंजर भूमि को उपजाउ बनाने का अभियान लद्दाख में पहले से सफल रहे प्रोजेक्ट हिम सरोवर की उपलब्धियों को आगे बढ़ाता है। यह इगू–फे नहर पुनर्जीवन परियोजना का पूरक भी है। इस नहर के जरिए इस समय लद्दाख में 4,300 हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई हो रही है। बंजर इलाकों में नहर से पानी पहुंचने से वहां पर पेड़ पौधे लगाने की मुहिम जोर पकड़ लेगी।

बंजर भूमि को उपजाउ बनाने की परियोजना से भूजल स्तर में सुधार, मिट्टी का कटाव रोकने, भूमि की उर्वरता बढ़ाने व टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई है। पहल से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह माडल भविष्य में लद्दाख सहित अन्य शुष्क क्षेत्रों में भी पारिस्थितिक बदलाव व बंजर भूमि पुनर्जीवन के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है।

Spread the love