June 14, 2026

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शिकंजे में फर्जी ब्रिगेडियर : नकली वर्दी पहनकर जमाता था धौंस, सेना के जवानों ने ऐसे दबोचा

Fake Brigadier : भारतीय सेना के जवानों ने एक जाल बिछाकर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक फर्जी ब्रिगेडियर को पकड़ा है. पकड़ा गया युवक सिर्फ 21 साल का है और वह ब्रिगेडियर की वर्दी पहनकर घूमता था. धौंस जमाने के लिए उसने दो निजी बॉडीगार्ड भी रखे थे और किराए की गाड़ी लेकर घूमता था जिस पर अलग से लाल रंग के स्टार का प्लेट लगा था. वह खुद को सेना का बड़ा अधिकारी बताकर घूमता था.

सेना के जवानों ने पकड़ने के लिए जाल बिछाया
ब्रिगेडियर की वर्दी पहनकर शाहजहांपुर के आस-पास के जिलों में घूमने वाले युवक की पहचान आर्यन वर्मा के रूप में हुई है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सेना के जवानों ने इस नकली ब्रिगेडियर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था. शाहजहांपुर और उसके आस-पास सेना की वर्दी में उसके घूमने-फिरने की कई खबरें मिली थीं. इसके बाद सेना के अधिकारी अप्रैल से ही उस पर नज़र रखे हुए थे.

ब्रिगेडियर की वर्दी पहनकर खुद को सेना का बड़ा अधिकारी बताने वाले आर्यन वर्मा से सेना के असली अधिकारी आम नागरिक बनकर मिले और उसे भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा उम्मीदवारों से बात करने और उनका हौसला बढ़ाने के लिए बुलाया. इसके लिए शाहजहांपुर छावनी इलाके में स्थित शहीद म्यूज़ियम में एक नकली कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था.

आर्यन वर्मा इस जाल में फंस गया. वह शुक्रवार, 12 जून की सुबह ब्रिगेडियर की वर्दी में SUV से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा. इसके बाद उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया. वर्मा की नकली वर्दी पर सेना के स्टार और सीनियर अधिकारियों से जुड़े झंडे लगे हुए थे.

बाउंसरों को NSG कमांडो बताता था
आर्यन वर्मा की गिरफ्तारी के बाद जब उसकी पूरी पोल खुली तब पता चला कि वह कितना शातिर है. पकड़े जाने पर उसके ड्राइवर के पास से एक नकली सरकारी पहचान पत्र मिला. वह दो बाउंसरों के साथ घूमता था, जिन्हें वह कथित तौर पर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) कमांडो बताता था. वर्मा दावा करता था कि उसे खास सुरक्षा दी गई है.

धौंस जमाने के लिए आर्यन वर्मा एक नकली पिस्तौल और एक रेजिमेंटल छड़ी भी रखता था. ये सभी चीजें उसके पास से गिरफ्तारी के बाद जब्त कर ली गईं. उसके पास एक पहचान पत्र भी था जिस पर कथित तौर पर आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज के डीन की मुहर लगी थी. वर्मा के पास से दस्तावेज मिलने पर अधिकारियों को पता चला कि वह 21 साल का है और दिल्ली में रह रहा था. वह मेडिकल की पढ़ाई के लिए होने वाले नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की तैयारी कर रहा था और काफी प्रयास के बाद भी परीक्षा पास नहीं कर पाया था.

इस मामले की जांच बरेली की एक आर्मी इंटेलिजेंस टीम ने जांच अपने हाथ में ले ली है. ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने नकली आईडी और वर्दी कैसे हासिल की. शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने बताया है कि फिलहाल आर्मी अधिकारी आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं. बाद में उसे पुलिस की कस्टडी में सौंप दिया जाएगा और पूरी जांच के लिए FIR दर्ज की जाएगी.

 

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