June 23, 2026

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जरूरत से ज्यादा सोना यानी खतरे की घंटी! कहीं आप भी तो नहीं कर रहे यह गलती?

अच्छी सेहत के लिए नींद बेहद जरूरी है। स्वस्थ रहने के लिए रोजाना लगभग 7 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए, लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब नींद कम नहीं, बल्कि जरूरत से ज्यादा आने लगे। अगर कोई व्यक्ति रोज 10 घंटे या उससे ज्यादा सोता है और फिर भी खुद को थका हुआ महसूस करता है, तो यह सामान्य नहीं है। बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं या बीमारी से ठीक हो रहे लोगों में नींद की जरूरत थोड़ी अधिक हो सकती है, लेकिन स्वस्थ वयस्कों में लगातार बहुत ज्यादा नींद किसी छिपी समस्या का संकेत हो सकती है।

ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है

वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि जरूरत से ज्यादा सोने से शरीर की गतिविधियां कम हो सकती हैं। जब व्यक्ति ज्यादा समय बिस्तर पर बिताता है, तो इससे वजन बढ़ने की संभावना बढ़ती है। लंबे समय तक ऐसा चलने पर शरीर का मेटाबॉलिज्म भी धीमा हो सकता है। इसके अलावा कई लोग ज्यादा सोने के बाद भी भारीपन, सुस्ती और सिरदर्द महसूस करते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि बहुत ज्यादा नींद आना कई बार किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। नींद से जुड़ी कुछ बीमारियां जैसे नींद में सांस रुकना, मस्तिष्क से जुड़ी नींद की समस्याएं या शरीर में बेचैनी की स्थिति नींद को बार-बार बाधित कर सकती हैं। इसी वजह से व्यक्ति ज्यादा देर तक सोने के बाद भी थका हुआ महसूस करता है। इसके अलावा अनियमित दिनचर्या, लगातार तनाव, गलत खानपान, बहुत ज्यादा कैफीन या शराब का सेवन भी नींद के पैटर्न को बिगाड़ सकता है।

इन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

कुछ मामलों में यह स्थिति शरीर के हार्मोनल बदलाव या पुरानी बीमारियों से भी जुड़ी हो सकती है। जैसे थायरॉयड की समस्या, ब्लड शुगर का असंतुलन या कुछ तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियां भी व्यक्ति को ज्यादा सोने के लिए मजबूर करती हैं। इसलिए अगर किसी व्यक्ति की नींद अचानक बढ़ जाए या वह लंबे समय तक थकान महसूस करता रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टरों की सलाह है कि अगर ज्यादा नींद के साथ तेज खर्राटे, सांस लेने में परेशानी, अचानक वजन बढ़ना या याददाश्त कमजोर होने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच करानी चाहिए।

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