June 26, 2026

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EPFO की सेवाएं सिस्टम माइग्रेशन के चलते कई दिनों तक नहीं होंगी उपलब्ध

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने गुरुवार को ऐलान किया कि कई ऑनलाइन सर्विसेज जैसे क्लेम दर्ज करना और ई-पासबुक सुविधाएं सिस्टम माइग्रेशन के चलते अगले कुछ दिनों तक उपलब्ध नहीं होंगी। ईपीएफओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सिस्टम माइग्रेशन की योजना के तहत, 26 जून से 29 जून के बीच मेंबर पोर्टल, एम्प्लॉयर पोर्टल और उमंग ऐप पर सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। उन्होंने आगे कहा कि सेवाओं को कुछ समय के लिए बंद करना सिस्टम अपग्रेड की योजना का हिस्सा है, जिसका मकसद पक्षधारकों को तेज, अधिक भरोसेमंद और सुरक्षित सेवाएं देना है। ईपीएफओ ने कहा कि 30 जून से सेवाओं के फिर से शुरू होने की उम्मीद है।

माइग्रेशन के दौरान, सदस्य और नियोक्ता कई जरूरी सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे, जैसे कि क्लेम सबमिट करना और प्रोसेस करना, इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ईसीआर) फाइल करना, नए कर्मचारियों के लिए यूएएन लिंक करना और ई-पासबुक सर्विस।
इसके अलावा, ईपीएफओ ने सदस्यों को सलाह दी है कि वे इस अस्थायी रुकावट के दौरान होने वाली परेशानी से बचने के लिए अपने काम की योजना उसी हिसाब से बनाएं। ईपीएफओ ने इस दौरान मुश्किलों का सामना कर रहे पक्षकारों को मदद का भरोसा दिया है और कहा कि किसी भी सहायता के लिए ईपीएफओ कॉल सेंटर के नंबर 14470 पर संपर्क करें।

वहीं, उमंग ऐप के जरिए ईपीएफओ की सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को ऐप पर एक नोटिफिकेशन दिखा रहा है जिसमें बताया गया कि निर्धारित माइग्रेशन गतिविधियों के कारण सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं और इनके 2 जुलाई को फिर से शुरू होने की उम्मीद है। मैसेज में आगे कहा गया, “हुई असुविधा के लिए हमें खेद है।” ईपीएफओ देश भर में लाखों सैलरी पाने वाले कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग्स को मैनेज करता है और अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और उमंग ऐप के जरिए कई तरह की डिजिटल सेवाएं देता है।

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