June 27, 2026

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महाराष्ट्र में रोज 6 किसान कर रहे आत्महत्या, रोहित पवार ने कर्ज माफी पर सरकार को घेरा

महाराष्ट्र में गहराते कृषि संकट को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने दावा किया है कि राज्य में हर दिन औसतन 6 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने किसान कर्ज माफी और शिवसेना यूबीटी में टूट को लेकर महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला है।

छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने राज्य की कृषि व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि आज का किसान चौतरफा मार झेल रहा है। महाराष्ट्र में हर दिन लगभग छह किसान आत्महत्या कर रहे हैं। खेती में इस्तेमाल होने वाली हर बुनियादी चीजों की कीमत आसमान छू रही है।

पायलट प्रोजेक्ट के तहत फर्टिलाइजर वितरण के सवाल पर रोहित पवार ने कहा कि अगर आप देखें, तो खेती में इस्तेमाल होने वाली खाद, पेट्रोल, डीजल, बीज जैसी चीजों और दूसरे खर्चों की कीमत लगातार बढ़ रही है। लेकिन, अफसोस की बात है कि किसानों को अपनी उपज के लिए जो कीमत या रिटर्न मिलता है, वह काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार दिखावा अधिक करती है।

शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने कर्जमाफी के लिए जो टर्म्स एंड कंडीशन रखी हैं, उसके कारण करीब 70 प्रतिशत किसान कर्जमाफी से वंचित रह जाएंगे और यह पूरी तरह की कर्जमाफी नहीं होगी।

रोहित पवार ने कहा कि पिछले साल बारिश के कारण पूरे राज्य में कृषि का नुकसान 35 हजार करोड़ रुपए का हुआ था। सरकार ने 31 हजार करोड़ रुपए के मुआवजे की घोषणा की थी, लेकिन लोगों के हाथों में सिर्फ 10 हजार करोड़ रुपए आए। 20 हजार करोड़ रुपए किसानों तक इसलिए नहीं पहुंचे कि वहां सरकार ने कुछ शर्तें रखी थीं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसानों की मदद करना चाहती है तो फर्टिलाइजर की कीमत कम की जानी चाहिए। उपलब्धता को भी बढ़ाने की जरूरत है।

रोहित पवार ने कहा कि हम मराठवाड़ा में लोगों और किसानों से मिल रहे हैं क्योंकि किसान कर्जमाफी का मुद्दा बहुत अहम है। महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को मुश्किल में डाल दिया है, और हम सरकार को किसानों के हित में सुनने, जवाब देने और फैसले लेने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य किसानों को न्याय दिलाना है।

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